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Khajauli Assembly Election 2025: खजौली सीट पर कड़े मुकाबले की उम्मीद, क्या BJP दोहराएगी जीत का परचम?

Khajauli Assembly Constituency (खजौली विधानसभा सीट): 2020 विधानसभा चुनाव में खजौली में 3,05,735 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 44,025 मुस्लिम (14.40%) और 41,702 अनुसूचित जाति (13.64%) मतदाता शामिल थे। यादव मतदाता सबसे बड़ा जातीय वर्ग हैं, जिनकी संख्या 50,140 (16.40%) थी।

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खजौली विधानसभा सीट।

Khajauli Assembly Constituency (खजौली विधानसभा सीट): खजौली सीट मधुबनी जिले में स्थित है। 2020 के विधानसभा चुनावों में यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीती थी। इस सीट पर भाजपा के अरुण शंकर प्रसाद ने राजद सीताराम यादव को 22689 वोटों के अंतर से हराया। राजद प्रत्याशी को कुल 60472 वोट मिले थे। इस सीट पर हुए चुनाव में जएपीएल उम्मीदवार ब्रज किशोर यादव तीसरे नंबर पर रहे थे। साल 2015 में इस सीट से सीताराम यादव ही विधायक थे। इस विधानसभा सीट पर पहली बार साल 1951 में वोटिंग हुई थी।

यादव मतदाता सबसे बड़ा जातीय वर्ग

2020 विधानसभा चुनाव में खजौली में 3,05,735 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 44,025 मुस्लिम (14.40%) और 41,702 अनुसूचित जाति (13.64%) मतदाता शामिल थे। यादव मतदाता सबसे बड़ा जातीय वर्ग हैं, जिनकी संख्या 50,140 (16.40%) थी। क्षेत्र की केवल 4.95% आबादी शहरी है, शेष ग्रामीण। 2024 के लोकसभा चुनाव तक मतदाताओं की संख्या बढ़कर 3,14,426 हो गई।

भाजपा मजबूत स्थिति में

2025 के चुनावों में खजौली सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। भाजपा मजबूत स्थिति में है और एनडीए गठबंधन पहले से अधिक मजबूत दिख रहा है। वहीं, राजद और विपक्षी गठबंधन को सीट छीनने के लिए मतदाता लामबंदी और जातीय समीकरणों पर विशेष रणनीति बनानी होगी। 2020 में मतदान प्रतिशत 61.13% रहा था, ऐसे में मतदाताओं की सक्रियता और राजनीतिक माहौल ही 2025 का परिणाम तय करेगा।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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