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NDA में सीटों का बंटवारा फाइनल, एक से दो दिन में हो जाएगी उम्मीदवारों की घोषणा - बिहार BJP अध्यक्ष

बिहार एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे का मामला सुलझ गया है। बिहार भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि शनिवार या रविवार को दिल्ली में उम्मीदवारों का चयन और घोषणा कर दी जाएगी।

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बिहार एनडीए सीट शेयरिंग पर बात करते बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल (फोटो-ANI)

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे के गतिरोध की एक बड़ी वजह चिराग पासवान के अपने रुख पर अडिग रहने को माना जा रहा था। केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की अधिक सीट की मांग ने बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए समीकरणों को पेचीदा बना दिया था, हालांकि शुक्रवार की शाम तक इसका समाधान निकलने की बात कही गई है। बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि दिल्ली में भाजपा ने सीट बंटवारे को लेकर तीन दिवसीय चुनाव समिति की बैठक की गई और उसके लिए एक पैनल का गठन किया गया। भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और केंद्रीय नेतृत्व केंद्रीय चुनाव समिति, केंद्रीय संसदीय बोर्ड के माध्यम से उम्मीदवारों का चयन करता है। सीट बंटवारे का मामला सुलझ गया है। कल या परसों दिल्ली में उम्मीदवारों का चयन और घोषणा कर दी जाएगी।

कई मौकों पर खुद को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हनुमान’ कहने वाले चिराग अधिक सीट की मांग के अपने रुख पर अडिग थे, जिसको लेकर एनडीए में रस्साकशी जारी थी। भाजपा नेता नित्यानंद राय ने चिराग से मुलाकात के बाद सबकुछ सकारात्मक होने की बात कही थी।

चिराग का पिछला चुनाव कैसा था?

वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में राजग से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले चिराग इस बार जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वाले राजग गठबंधन का हिस्सा हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने जद(यू) के खिलाफ अपने उम्मीवार उतारने की रणनीति अपनायी थी। उस चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी 43 सीट पर सिमट गई थी और इसके पीछे की एक बड़ी वजह चिराग की इस रणनीति को माना जाता है।

वर्ष 2020 में तत्कालीन लोजपा ने 135 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 134 हार गए। पार्टी को 5.64 प्रतिशत मत हासिल हुआ था। हालांकि, ‘चिराग फैक्टर’ से जद(यू) को नुकसान पहुंचा था। मटिहानी सीट से लोजपा के टिकट पर जीते राजकुमार सिंह बाद में जद(यू) में शामिल हो गए थे। बाद में लोजपा दो धड़ो में टूट गई थी। लोजपा (रामविलास) का नेतृत्व चिराग और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) की अगुवाई उनके चाचा पशुपति पारस कर रहे हैं।

नीतीश कुमार के साथ मतभेद के कारण 2020 में राजग से अलग हुए चिराग पासवान 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर राजग में लौटे और उनकी पार्टी ने पांच लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ी और सभी पर जीत दर्ज करके अपनी ताकत साबित की थी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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