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Munger Assembly Elections 2025: मुंगेर में कैसा रहेगा चुनावी हाल-चाल, वह सीट जो किसी का नहीं है गढ़; जानें क्या है अपडेट

Munger Assembly Constituency (मुंगेर विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा की तारीखों का ऐलान हो चुका है और नामांकन शुरू हो गए हैं। सीटों के समीकरण को समझते हुए गठबंधनों में बंटवारे हो रहे हैं। जल्द ही उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी होगा। ऐसे में बिहार की एक खास सीट मुंगेर विधानसभा के बारे में जान लेते हैं। क्या है मुंगेर सीट का हाल, पिछली बार कैसे थे चुनावी नतीजे और इस चुनाव की सभी अपडेट्स।

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मुंगेर सीट पर कैसा रहा है चुनावी समीकरण

Photo : Times Now Digital

Munger Assembly Constituency (मुंगेर विधानसभा सीट): गंगा किनारे बसा मुंगेर बिहार राज्य के सबसे प्रमुख शहरों में एक है जो 1957 में स्थापित हुआ था। मुंगेर विधानसभा क्षेत्र एक सामान्य श्रेणी की सीट है। इस क्षेत्र में अक्सर समाजवादी विचारधारा वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाती रही है, लेकिन कोई भी पार्टी इसे अपना गढ़ नहीं कह सकती। आइए थोड़ा जान लेते हैं इसके इतिहास के बारे में।

मुंगेर का इतिहास

मुगल और ब्रिटिश काल के दौरान अविभाजित बंगाल में पूर्वी प्रवेशद्वार के रूप में अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण एक प्रमुख शहरी केंद्र रहा मुंगेर आज भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और वाणिज्यिक केंद्र बना हुआ है। इस शहर का इतिहास काफी पुराना है, जो चौथी शताब्दी ईस्वी में गुप्त काल से सत्ता का केंद्र रहा है। इतिहास के प्रिज्म के माध्यम से देखा जाए तो मुंगेर क्षेत्र मध्य देश की पहली आर्य जनसंख्या के 'मिडलैंड' के रूप में उभरा। महाभारत में इस जगह का उल्लेख 'मोदगिरि' के रूप में आता है। यह स्थान एक समय वेंगा और तामलिप्त के पास एक राज्य की राजधानी था।

क्यों नहीं है किसी का गढ़

अब तक हुए 17 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) ने तीन-तीन बार यह सीट जीती है, जबकि जनता दल ने दो बार जीत हासिल की है। संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी और जनता पार्टी (सेक्युलर) ने एक-एक बार यह सीट हासिल की है।

पिछले चुनाव में क्या था मुंगेर सीट का हाल

इस सीट पर 2020 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार प्रणव कुमार यादव ने राजद प्रत्याशी अविनाश कुमार विद्यार्थी को मामूली अंतर से हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया था। मुंगेर सीट बनने के बाद यह दूसरा मौका था, जब यहां भगवा लहराया था। इससे पहले 1969 में भारतीय जनसंघ के प्रत्याशी रवीश चंद्र वर्मा ने चुनाव जीतकर विधायक बने थे। पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 45.74 फीसदी, जबकि उसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 44.99 फीसदी वोट मिले थे। इस बार देखना होगा कि राजद पिछली बार की हार का बदला ले पाती है या फिर भाजपा अपने विजयी रथ को आगे बढ़ाती है।

मुंगेर में 2020 विधानसभा चुनाव का परिणाम (Munger 2020 Election Results):

प्रत्याशीवोट्स
प्रणव कुमार (भाजपा)75,094
अविनाश कुमार विद्यार्थी (राजद)73,748
नोटा (NOTA)3,063

मुंगेर में कब कौन विधायक रहा

वर्षविधायकपार्टी
1957निम्रद मुखर्जीकांग्रेस
1962रामगोविंद वर्माकांग्रेस
1967हासिमसोशलिस्ट पार्टी
1969रवीश चंद्र वर्माभारतीय जनसंघ
1972प्रफुल्ल कुमार मिश्राकांग्रेस
1977सैयद जाबिर हुसैनजनता पार्टी
1980रामदेव सिंह यादवजनता पार्टी-से.
1985रामदेव सिंह यादवलोकदल
1990रामदेव सिंह यादवजनता दल
1995मोनाजिर हसनजनता दल
2000मोनाजिर हसनराजद
2005मोनाजिर हसनजदयू
2005मोनाजिर हसनजदयू
2009विश्वनाथ प्रसाद गुप्ताराजद (उपचुनाव)
2010अनंत कुमार सत्यार्थीजदयू
2015विजय कुमार यादवराजद
2020प्रणव कुमार यादवभाजपा

मुंगेर में कब होंगे चुनाव (Munger Election Date):

नोटिफिकेशन की तारीख10 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख17 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख18 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख20 अक्टूबर 2025
मतदान6 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025
Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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