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Delhi Chunav : त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी बल्लीमारान सीट, AAP, कांग्रेस-BJP ने उतारे हैं दमदार उम्मीदवार

Delhi Assembly Election 2025 : इस चुनाव में AAP और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हैं। ऐसे में यदि मुसलमान वोटरों में बिखराव हुआ तो इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। भाजपा भी मुस्लिम वोटों में सेंधमारी की कोशिश कर रही है। AAP के उम्मीदवार दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन हैं।

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दिल्ली में पांच फरवरी को डाले जाएंगे वोट।

Delhi Assembly Election 2025 : दिल्ली की हाई प्रोफाइल सीटो में पुरानी दिल्ली की बल्लीमारान सीट भी शामिल है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही यह सीट अभी आम आदमी पार्टी के पास है। इस सीट की एक बड़ी खासियत यह है कि इस सीट से जीत दर्ज करने वाले विधायक को दिल्ली मंत्रिमंडल में जगह मिलती रही है। 2015 से इस सीट पर AAP का कब्जा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज तक यह सीट जीत नहीं पाई है लेकिन इस बार उसने कमल बागड़ी को उम्मीदवार बनाया है। बागड़ी युवा और निगम पार्षद हैं। तो वहीं कांग्रेस ने अपने पुराने चेहरे और पूर्व मंत्री हारुन यूसुफ पर एक बार फिर से दांव लगाया है। AAP के उम्मीदवार दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन हैं।

कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया

इस सीट को जीतने के लिए तीनों दलों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। जानकार मानते हैं कि इस सीट पर मुकाबला रोचक और त्रिकोणीय मुकाबले में फंसा हुआ है। यह सीट मुस्लिम बहुल है। मुस्लिम मतदाताओं की एकजुटता इस सीट पर जीत और हार तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस चुनाव में AAP और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हैं। ऐसे में यदि मुसलमान वोटरों में बिखराव हुआ तो इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। भाजपा भी मुस्लिम वोटों में सेंधमारी की कोशिश कर रही है। कहा जा रहा है कि मुस्लिम वोटर जिसके पक्ष में लामबंद होंगे, उसकी जीत की राह आसान हो जाएगी।

दो बार से AAP जीतती आई है

बल्लीमारान सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या 153231 है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 83202 और महिला वोटरों की संख्या 70013 है। इस सीट पर थर्ड जेंडर भी 16 हैं। पिछले चुनाव यानी 2020 के चुनाव नतीजों की अगर बात करें तो इस सीट पर AAP उम्मीदवार इमरान हुसैन विजयी हुए। हुसैन को 64.87 फीसद यानी 65,612 वोट मिले। दूसरे स्थान पर भाजपा रही। भाजपा उम्मीदवार को 29.12 फीसद यानी 28,995 वोट और तीसरे स्थान पर रहने वाली कांग्रेस को 4.75 प्रतिशत वोट यानी 4797 वोट मिले। कांग्रेस ने इस बार अपना पूरा दम-खम लगा दिया है।

जाम-गंदगी से परेशान लोग

बल्लीमारान सीट पर 1993 से 2013 तक कांग्रेस का कब्जा रहा। इस सीट से कांग्रेस के हारुन यूसुफ लगातार जीत दर्ज करते आए लेकिन 2015 के चुनाव में AAP ने पहली बार इस सीट से जीत दर्ज की। तब से यह सीट उसके पास है। इस सीट के अंतर्गत ईदगाह रोड, फर्शखाना, रोदग्रान, लाल कुआं, कूचा पंडित, चांदनी चौक के कुछ इलाके, हवेली हैदर कुली, गली नीम हवेली, लाल दरवाजा, गली कासिम जान आते हैं। घनी आबादी और तंग गलियों वाले बल्लीमारान के बाजार में दूर-दूर से लोग खरीदारी और कारोबार के लिए आते हैं। यहां जाम की समस्या आम बात है। सड़क किनारे पोलों पर लिपटे और लटके बिजली के तार यहां की खास पहचान हैं। जगह-जगह कूड़ा और कचरा भी समस्या है। लोग इसका प्रबंधन चाहते हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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