
मिल्कीपुर में खिला कमल
सपा के अवधेश प्रसाद को झटका
मिल्कीपुर विधानसभा सीट से 2022 में समाजवादी पार्टी के चिह्न पर अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। प्रसाद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी। उप चुनाव में अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जहां एक तरफ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी, वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भी यहां मतदाताओं को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। लेकिन बाजी बीजेपी के हाथ लगी।
इनके बीच था मुकाबला
उपचुनाव में मिल्कीपुर सीट पर 10 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने चुनाव से दूरी बनाए रखी। अलबत्ता कांग्रेस ने सपा को समर्थन दिया है। भाजपा ने चंद्रभानु प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया जबकि उनके मुकाबले समाजवादी पार्टी ने सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मैदान में उतारा। वहीं, नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी मिल्कीपुर में अपना उम्मीदवार उतारा लेकिन ये उम्मीवार मुकाबले से पूरी तरह बाहर रहा।
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को लगा झटका
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के अवधेश प्रसाद की फैजाबाद (अयोध्या) पर जीत को भाजपा के लिए झटके के रूप में देखा गया और इस हार से उबरने के लिए पार्टी उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए पूरा दमखम लगाया। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ इस अग्निपरीक्षा में पूरी तरह खरे उतरे। इससे पहले यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने 7-2 से एकतरफ जीत हासिल की थी।
