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Maharashtra News: पालघर के अस्पताल में ब‍िल को लेकर मचा हंगामा, डॉक्टर-कर्मचारियों से मारपीट; शिवसेना नेता समेत 17 पर FIR दर्ज

महाराष्ट्र के डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से कथित मारपीट और गाली-गलौज के आरोप लगे हैं। इलाज में देरी को लेकर हुए विवाद के बाद घटना सीसीटीवी में कैद हुई और डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। रमेश म्हात्रे ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां उनकी जमानत को लेकर सुनवाई चल रही है।

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Maharashtra News: पालघर के अस्पताल में ब‍िल को लेकर मचा हंगामा, डॉक्टर-कर्मचारियों से मारपीट; शिवसेना नेता समेत 17 पर FIR दर्ज

Maharashtra News: महाराष्ट्र के डोंबिवली से सामने आया एक मामला अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे पर अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट और गाली-गलौज करने के आरोप लगे हैं। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

इलाज में देरी को लेकर हुआ विवाद

मामला डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल का है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि गर्भ में बच्चे की गर्भनाल दो बार लिपटी हुई थी। ऐसे में डॉक्टरों ने सी-सेक्शन का फैसला लिया, लेकिन नवजात को जन्म के बाद NICU की जरूरत पड़ सकती थी और अस्पताल का NICU पहले से भरा हुआ था।

अस्पताल की टीम बच्चे के लिए दूसरे अस्पताल में एनआईसीयू बेड की व्यवस्था करने में जुटी थी। इसी दौरान महिला के परिजनों ने रमेश म्हात्रे से संपर्क किया। इसके बाद म्हात्रे अस्पताल पहुंचे और इलाज में देरी को लेकर डॉक्टरों से उनकी बहस हो गई।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

डॉक्टरों के मुताबिक, बहस बढ़ने के बाद अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टाफ के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। सीसीटीवी फुटेज में रमेश म्हात्रे और उनके साथ आए कुछ लोगों को डॉक्टरों के साथ हाथापाई करते हुए देखा गया। दो डॉक्टरों के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया, जबकि बीच-बचाव करने वाली नर्सों के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई।

घटना के बाद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने विरोध जताया। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिकाके अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों ने नियमित सेवाएं और ओपीडी बंद कर प्रदर्शन किया, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।

घटना के बाद डॉक्टर की शिकायत पर विष्णुनगर पुलिस ने रमेश म्हात्रे समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। मामले ने महाराष्ट्र में मेडिकल समुदाय के बीच भी नाराजगी पैदा की। डॉक्टरों और मेडिकल संगठनों ने अस्पताल में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

रमेश म्हात्रे ने क्या कहा?

विवाद के बाद रमेश म्हात्रे ने डॉक्टर को मारने के आरोप से इनकार किया था। उन्होंने घटना पर खेद जताते हुए कहा था कि CCTV में जो दिखाई दे रहा है, वह कैमरे के एंगल की वजह से गलत समझा जा रहा है। इस मामले में कानूनी विवाद भी आगे बढ़ चुका है। सितंबर की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने रमेश म्हात्रे के जमानत मामले पर सख्त टिप्पणी की और उनके जमानत आदेश को लेकर राज्य सरकार से कार्रवाई करने को कहा। अदालत ने अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ इस तरह के व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 को होनी है।

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि अस्पतालों में इलाज को लेकर विवाद की स्थिति में क्या जनप्रतिनिधियों या मरीजों के परिजनों को कानून हाथ में लेने की इजाजत दी जा सकती है? डॉक्टरों का कहना है कि इलाज में देरी के पीछे कई बार गंभीर मेडिकल कारण होते हैं, जिन्हें समझे बिना मेडिकल स्टाफ के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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