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Assam, West Bengal By-Election 2024 Result Live: असम और पश्चिम बंगाल में कौन जीता-कौन हारा? देखें उपचुनाव के नतीजों से जुड़ा हर अपडेट; सबसे पहले

Assam, Paschim Bangal By Election Result (असम, पश्चिम बंगाल उपचुनाव 2024 रिजल्ट लाइव) upchunav Ke Natije 2024 Today LIVE Updates: असम में पांच और पश्चिम बंगाल के छह विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों से जुड़े रुझान सामने आ रहे हैं। असम की इन पांच सीट में से कौन किस सीट पर जीता या आगे है, आपको सबकुछ बताते हैं।

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असम और पश्चिम बंगाल की 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे LIVE

Assam, Paschim Bangal By Election Result (असम, पश्चिम बंगाल उपचुनाव 2024 रिजल्ट लाइव) upchunav Ke Natije 2024 Today LIVE Updates: असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों के नतीजे अब साफ हो रहे हैं। असम में विधानसभा की पांच सीट ढोलाई, समागुरी, बेहाली, बोंगाईगांव और सिदली निर्वाचन क्षेत्रों से कुल 34 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की छह सीट नैहाटी, हरोआ, मेदिनीपुर, तलडांगरा, सीताई (अनुसूचित जाति) और मदारीहाट (अनुसूचित जनजाति) पर भी प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल की सभी 6 सीटों पर टीएमसी आगे चल रही है।

असम की किस सीट पर क्यों हुआ है उपचुनाव?

ढोलाई सीट के लिए मतों की गिनती रामनगर में अंतर-राज्यीय ट्रक टर्मिनल पर होगी। सिदली सीट के लिए मतगणना काजलगांव में जिला केंद्र में होगी, जबकि बोंगाईगांव के लिए मतगणना बोंगाईगांव कॉलेज में होगी। अधिकारियों ने शुक्रवार शाम को बताया कि मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष मौजूदा विधायकों के लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की ये सीट खाली हुई हैं। सामगुरी में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं और भाजपा तथा कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। भाजपा ने बेहाली, सामगुरी तथा धोलाई सीट पर और उसकी गठबंधन सहयोगी दल एजीपी (असम गण परिषद) तथा यूपीपीएल ने क्रमशः बोंगाईगांव तथा सिदली सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं । कांग्रेस पांचों सीट पर चुनाव लड़ रही है। उपचुनाव में 75.67 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था।

असम की इन पांच सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे LIVE

ढोलाई विधानसभा सीट:
पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
भाजपानिहार रंजन दासजीत
कांग्रेसध्रुबज्योति पुरकायस्थहार

सिदली विधानसभा सीट:

पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
यूपीपीएलनिर्मल कुमार ब्रह्माजीत
कांग्रेससंजीब वारीहार
बीपीएफसुद्धो कुमार बसुमतारीहार

बोंगाईगांव विधानसभा सीट:

पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
एजीपीदीप्तिमयी चौधरी जीत
कांग्रेसब्रजेंजीत सिंघाहार

बेहाली विधानसभा सीट:

पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
भाजपादिगंता घाटोवालजीत
कांग्रेसजयंत बोराहार
सीपीआई (एमएल)लखीकांत कुर्मीहार
आपअनंत गोगोईहार

समागुरी विधानसभा सीट:

पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
कांग्रेसतंजील हुसैनहार
भाजपाडिप्लू रंजन सरमाजीत

पश्चिम बंगाल की किन छह सीटों पर हुआ उपचुनाव?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा की छह सीट पर भी प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा आज खुलेगा, आज मतगणना के बाद ये तस्वीर साफ हो जाएगी कि कौन बाजी मारेगा और किसकी उम्मीदें टूटेंगी? कोलकाता में आरजी कर अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच चुनाव परिणाम काफी चर्चा में हैं। बंगाल की नैहाटी, हरोआ, मेदिनीपुर, तलडांगरा, सीताई (अनुसूचित जाति) और मदारीहाट (अनुसूचित जनजाति) शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल की इन छह सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे LIVE

सीताई विधानसभा सीट:

पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
टीएमसीसंगीता रॉयजीत
भाजपादीपक कुमार रॉयहार
कांग्रेसहरिहर रॉय सिंघाहार
मदारीहाट विधानसभा सीट:
पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
टीएमसीजय प्रकाश टोप्पोजीत
भाजपाराहुल लोहारहार
कांग्रेसबिकाश चैंप्रो मैरीहार
नैहाटी विधानसभा सीट:
पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
टीएमसीसनत डेजीत
भाजपारूपक मित्राहार
कांग्रेसपरेश नाथ सरकारहार
हरोआ विधानसभा सीट:
पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
टीएमसीएसके रबीउल इस्लामजीत
भाजपाबिमल दासहार
कांग्रेसहबीब रज़ा चौधरीहार
मेदिनीपुर विधानसभा सीट:
पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
टीएमसीसुजॉय हाजराजीत
भाजपासुभाजीत रॉयहार
सीपीआईमणि कुंतल खामराईहार
कांग्रेसश्यामल कुमार घोषहार
तलडांगरा विधानसभा सीट:
पार्टीउम्मीदवारचुनावी परिणाम
टीएमसीफाल्गुनी सिंघबाबूजीत
भाजपाअनन्या रॉय चक्रवर्तीहार
कांग्रेसतुषारकांति सन्निग्रहीहार
सीपीआई (एम)देबकांति महंतीहार

पश्चिम बंगाल की इन 6 सीटों पर क्यों हो रहा उपचुनाव?

राज्य की छह में से 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की वजह ये है कि इस सीट से विधायक इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए हैं, जिसके चलते सीटें खाली हुईं। इनमें सिताई सीट से तृणमूल विधायक जगदीश चंद्र बर्मा के सांसद बनने से सीट खाली हुई। मेदिनीपुर सीट से तृणमूल विधायक जून मालिया के सांसद बनने से सीट खाली हुई। नैहाटी सीट से तृणमूल विधायक पार्थ भौमिक के सांसद बनने से सीट खाली हुई। मदारीहाट सीट से भाजपा विधायक मनोज तिग्गा के सांसद बनने से सीट खाली हुई। तलडांगरा सीट से तृणमूल विधायक अरूप चक्रवर्ती के सांसद बनने से सीट खाली हुई़। इसके अलावा हारोआ विधानसभा सीट के विधायक से सांसद बने तृणमूल के हाजी नुरुल इस्लाम का निधन हो गया। इस कारण बशीरहाट लोकसभा सीट भी खाली है। हालांकि, उस पर उपचुनाव नहीं हुआ है।

बंगाल की छह सीट पर उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान हुआ था और मतदान प्रतिशत 69.29 रहा था। आयोग ने मतगणना सुचारू रूप से कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिन सीट पर उपचुनाव हुआ है, उनमें से पांच सीट टीएमसी का गढ़ मानी जाती हैं जबकि मदारीहाट पर 2021 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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