Uttar Pradesh Election 2022:  योगी बोले- जाट उस 80 प्रतिशत का हिस्सा हैं, जिसके बारे में मैंने बात की थी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 6, 2022, 11:52 AM IST

एक इंटरव्यू के दौरान जब योगी से पूछा गया कि उनका मुस्लिमों से क्या रिश्ता है, इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'मेरा वही रिश्ता उनके साथ में है, जो उनका रिश्ता मुझसे है।'

Uttar Pradesh Election 2022:  योगी बोले- जाट उस 80 प्रतिशत का हिस्सा हैं, जिसके बारे में मैंने बात की थी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि यूपी में जाटों का भाजपा को समर्थन कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय भगवा पार्टी से अलग नहीं हो सकता है। योगी ने कहा कि वे (जाट) उस 80 प्रतिशत का हिस्सा हैं जिसके बारे में मैंने बात की। योगी ने एक बार फिर दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में 300 सीटों को पार करेगी।

दंगों को जाट भूल नहीं सकते

News18 के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, जब सीएम योगी से यह पूछा गया कि क्या जाट और मुसलमान इस बार गठबंधन करेंगे, सीएम ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना और मुजफ्फरनगर दंगों को कोई नहीं भूल सकता। टिकट वितरण के बाद बसपा और सपा उम्मीदवारों द्वारा कथित धमकी का हवाला देते हुए योगी ने कहा कि इसे क्षेत्र के लोगों द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इंटरव्यू में योगी ने कहा है कि मुसलमानों से उनका वही रिश्ता है, जो रिश्ता मुसलमानों का उनसे है।

बताई 80 फीसदी की परिभाषा

योगी ने यह भी कहा कि दंगों का दंश झेलने वाले और झूठे मामलों में फंसने वाले जाट युवक अपमान को कभी नहीं भूलेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या 20 प्रतिशत लोग किसी विशेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, योगी ने कहा कि वे दंगे, अराजकता और 'गुंडा राज' पसंद करते हैं, जबकि 80 प्रतिशत वे हैं जो राज्य में बेहतर विकास और सुरक्षा चाहते हैं। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के वाहन पर फायरिंग की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने कहा कि ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं और किसी को भी कानून-व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

सपा रालोद पर हमला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि उनके भाईचारे का विचार केवल 'भाई-भतीजावाद' और वंशवाद की राजनीति के बारे में है, न कि सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और ईमानदारी को लेकर। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दलों ने दिखा दिया है कि उनकी मंशा ठीक नहीं है और राज्य में एक बार फिर माफिया जैसे तत्वों का दबदबा सुनिश्चित करने की साजिश में शामिल हैं।

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