राहुल गांधी फिर विदेश यात्रा पर, राजनीतिक एक्शन के समय क्या हो जाते हैं दूर ?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 31, 2021, 07:53 PM IST

Rahul Gandhi: राहुल गांधी की विदेश यात्रा की टाइमिंग पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

राहुल गांधी फिर विदेश यात्रा पर, राजनीतिक एक्शन के समय क्या हो जाते हैं दूर ?
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली: ऐसे समय में जब कांग्रेस पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है, एक बार फिर राहुल गांधी का विदेश दौरा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। असल में जिस तरह राहुल गांधी, यूपी, पंजाब सहित 5 राज्यों के चुनावों की सरगर्मियों के बीच विदेश दौरे पर गए हैं, उसने फिर कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके विदेश दौरे पर इसलिए भी सवाल उठने लगा है क्योंकि उसकी वजह से 3 जनवरी को पंजाब के मोगा में होने वाली रैली को कांग्रेस पार्टी को रद्द करना पड़ा है।

मोगा रैली को लेकर ये थी प्लानिंग

असल में जिस तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू विवाद ने कांग्रेस में अंतर्कलह बढ़ाया और फिर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सिद्धू के भी खींचतान जारी है, उससे पार्टी को मोगा रैली से बड़ी उम्मीदें थी। पार्टी राहुल गांधी की उपस्थिति में वोटरों और कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहती थी। लेकिन पूरी तैयारी धरी रह गई है। पार्टी नए सिरे से रैली की तैयारी कर रही है।  अब राहुल 15 जनवरी को पंजाब में रैली करेंगे और 16 जनवरी को गोवा में रैली कर सकते हैं।

विदेश यात्रा पर कांग्रेस पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि राहुल गांधी संक्षिप्त निजी यात्रा पर गए हैं। बीजेपी और मीडिया में उसके दोस्तों को बेवजह अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।

ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर पहली बार सवाल उठा है। इसके पहले भी कई ऐसे मौके आए हैं, जब राहुल गांधी अचानक विदेश यात्रा पर चले गए थे और पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।

कब-कब ऐसी स्थिति आई

1. इसके पहले राहुल गांधी दिसंबर 2020 में कांग्रेस पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर विदेश चले गए थे।
2. अक्टूबर 2019 में हरियाणा, महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के 15 दिन पहले वह विदेश यात्रा पर चले गए थे।


3. साल 2019 में नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के समय वह विदेश चले गए थे।

4. साल 2018 में कर्नाटक चुनाव के ठीक बाद राहुल गांधी विदेश चले गए थे, जिसकी वजह से पोर्टफोलिओ बंटवारे में देरी आई थी। 

5. 2014 में बजट सत्र के दौरान भी राहुल गांधी कुछ समय के लिए विदेश चले गए थे।

ममता बनर्जी ने भी किया था तंज

ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर केवल भाजपा हमला करती है। उन पर नरम रुख रखने वाली पार्टिां भी अब हमला करने लगी हैं।  एक दिसंबर को मुंबई में ममता बनर्जी ने राहुल गांधी के विदेश यात्रा पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि कोई व्यक्ति कुछ नहीं करे और सिर्फ विदेश में ही रहे तो काम कैसे चलेगा? उन्हें इशारों में कहा कि अगर आप फील्ड में नहीं रहेंगे तो बीजेपी आप को बोल्ड कर देगी। अगर आप फील्ड में रहेंगे तो बीजेपी हार जाएगी।

जाहिर है राहुल गांधी कई बार ऐसे समय में विदेश यात्रा करते हैं, जब राजनीतिक दलों को उन पर हमला करने का मौका मिल जाता है। हालांकि एक बात साफ है यह एक निजी मामला है लेकिन सार्वजनिक जीवन में होने और कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की वजह से, विपक्षी दलों को फिर से एक मौका मिल गया है।

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