अख‍िलेश यादव का बड़ा आरोप- दिल्‍ली में रोका गया मेरा हेलीकॉप्टर, मुझे मुजफ्फरनगर नहीं जाने दिया जा रहा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 28, 2022, 03:10 PM IST

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी उन्‍हें जनता से मिलने नहीं दे रही है। उन्‍होंने कहा कि उनके हेलीकॉप्‍टर को दिल्‍ली में जानबूझकर साजिश के तहत रोका गया।

अख‍िलेश यादव का बड़ा आरोप- दिल्‍ली में रोका गया मेरा हेलीकॉप्टर, मुझे मुजफ्फरनगर नहीं जाने दिया जा रहा
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नई दिल्‍ली : उत्‍तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उन्‍हें जनता से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उनके हेलीकॉप्‍टर को दिल्‍ली में रोक दिया गया और उन्‍हें मुजफ्फरनगर नहीं जाने दिया जा रहा है, जबकि उसी जगह से बीजेपी के कई नेताओं का हेलीकॉप्‍टर गया है। उन्‍होंने कहा कि उनका हेलीकॉप्‍टर रोकने का कोई कारण उन्‍हें नहीं बताया गया।

अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर में जयंत चौधरी के साथ मिलकर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करने वाले थे और इसलिए वह हेलीकॉप्‍टस से वहां जा रहे थे, लेकिन उन्‍हें वहां जाने से रोक दिया गया। उन्‍होंने इस संबंध में एक ट्वीट भी किया और कहा, 'मेरे हैलिकॉप्टर को अभी भी बिना किसी कारण बताए दिल्ली में रोककर रखा गया है और मुज़फ़्फ़रनगर नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि भाजपा के एक शीर्ष नेता अभी यहाँ से उड़े हैं। हारती हुई भाजपा की ये हताशा भरी साज़िश है। जनता सब समझ रही है।'

पश्चिमी यूपी में नेताओं का जमावड़ा

यहां गौर हो कि इस वक्‍त यूपी की सियासत में पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश खासा अहम हो गया है। बीजेपी की ओर से देश के गृह मंत्री अम‍ित शाह, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के धुआंधार दौरे हो रहे हैं तो सपा की ओर से अखिलेश यादव भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यहां जयंत चौधरी भी पूरे दमखम के साथ अपनी मौजूदगी बरकरार रखे हुए हैं तो कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट सहित कई दिग्‍गज नेता इलाके में मौजूद हैं।

कुल मिलाकर सभी पार्टियां यहां अपना पूरा जोर लगा रही हैं और स‍ियासी समीकरण को अपने पाले में करने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के बीच पश्चिमी यूपी पिछले कुछ समय से नेताओं की राजनीति का केंद्र बना हुआ है, जिसकी एक प्रमुख वजह यह है कि पहले फेज का मतदान यहीं होना है। नेताओं को उम्‍मीद है कि यहां से एक बड़ा संदेश जाएगा तो आने वाले अन्‍य चरणों के मतदान में भी इसका असर दिख सकेगा। यही वजह है कि तमाम दलों के नेता यहां डेरा डाले हुए हैं और सियासी समीकरण को अपने पाले में करने की कोशिश के साथ एक बड़ा संदेश देने का प्रयास भी कर रहे हैं।

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