UP Assembly Elections 2022: चुनावी ऐलान के बाद जुबानी जंग तेज, आखिर यूपी में अबकी बार किसकी सरकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 8, 2022, 06:31 PM IST

10 मार्च के बाद यूपी में क्या योगी आदित्यनाथ की सरकार बरकरार रहेगी या यूपी की सत्ता किसी और के हाथ में होगी। यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब सभी दल अपने अपने तरीके से दे रहे हैं।

UP Assembly Elections 2022: चुनावी ऐलान के बाद जुबानी जंग तेज, आखिर यूपी में अबकी बार किसकी सरकार

देश के सबसे बड़े सूबों में से एक यूपी के लिए चुनावी तारीखों का ऐलान हो चुका है। सात चरणों में संपन्न होने वाले चुनाव का आगाज 10 फरवरी को होगा और सात मार्च को संपन्न होगा। 10 मार्च को औपचारिक तौर पर नतीजे आएंगे जिसके बाद पता चलेगा कि यूपी की जनता के दिलों में उतरने में कौन सा दल कामयाब हुआ। लेकिन चुनावी  जंग में जुबानी धार तेज हो चली है। 

एक बार फिर बनेगी सरकार- योगी आदित्यनाथ
चुनावी ऐलान के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक बार फिर यूपी की जनता डबल इंजन वाली सरकार पर मुहर लगाएगी और बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग विनाश की बात करते हैं जनता उन्हें भी पहचानती है और जो लोग विकास की बात करते हैं वो मौजूदा समय में सत्ता में हैं और आने वाले समय में भी जनता भरोसा जताएगी। 


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बीजेपी की होगी प्रचंड पराजय- अखिलेश यादव
समाजवादा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 10 मार्च को इंक़लाब होगा उत्तर प्रदेश में बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में यूपी की जनता को सिर्फ छला गया है। इस सरकार के पास कामयाबी के नाम पर सपा सरकार के दौरान हुए कामों का फीता काटना था। जनता सबकुछ समझ रही है, जनता बदलाव का इंतजार कर रही थी और उसे अब वो तारीख मिल गई है जिसके जरिए वो बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी।


निष्पक्ष चुनाव होना जरूरी-बीएसपी
यूपी सहित पाँच राज्यों में विधानसभा आमचुनाव हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज तिथि की घोषणा का स्वागत। आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आयोग यह चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुचारू व शान्तिपूर्वक कराने की अपनी ज़िम्मेदारी को जन अकांक्षा के अनुरूप पूरी मुस्तैदी से जरूर निभाएगा।खासकर सत्ताधारी पार्टी द्वारा हर चुनाव में नए-नए हथकण्डे अपनाकर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने की प्रवृति घातक रूप से आम होती जा रही है, जिसपर इस चुनाव में पूरी गंभीरता से ध्यान देने एवं तत्परता के साथ उसके विरुद्ध कार्रवाई करने की चुनाव आयोग से ख़ास अपील है।


चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है जिसके प्रति खासकर ग़रीब, मजदूर व मेहनतकश लोग अति-उत्साहित रहते हैं, जिनकी भावना व अधिकारों की विशेषकर वोटिंग वाले दिन हर प्रकार से रक्षा जरूर हो। नागरिकों के मताधिकार की रक्षा उनके मूलभूत अधिकार की तरह संविधान के मंशा के अनुरूप हो तो बेहतर। बी.एस.पी. के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व उम्मीदवारों आदि को भी सख्त निर्देश है कि वे पार्टी अनुशासन के साथ-साथ आज से ही लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) का कड़ाई के साथ अनुपालन करें।

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