Haryana Assembly Elections: हरियाणा विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद राज्य में चुनावी बिसात बिछना शुरू हो गई है। राजनीतिक दल एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए दांव-पेंच में जुट गए हैं। इस बीच दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी और चंद्रशेखर आजादी की आजाद समाज पार्टी ने गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया है। दोनों पार्टियां गठबंधन के तले हरियाणा की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। जानकारी के मुताबिक, चौटाल की जेजेपी 70 सीटों पर और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
इस दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा, हमारे मुद्दे साफ हैं। युवाओं को रोजगार, गरीबों को महंगाई से राहत, सामाजिक न्याय और निजीकरण खत्म करना। उन्होंने कहा, हरियाणा में हमारा गठबंधन पदोन्नति में आरक्षण, एमएसपी, बेहतर कानून व्यवस्था के लिए भी चुनाव लड़ेगा। हमें उम्मीद है कि हमारा गठबंधन सभी 90 सीटें जीतेगा।
जेजेपी ने 2019 में जीती थीं 10 सीटें
बता दें, इसस पहले दुष्यंत चौटाला की जेजेपी ने 2019 में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा था और 10 सीटों पर जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद जेजेपी ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करके हरियाणा में सरकार बनाई थी, जिसमें दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जेजेपी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ दिया था। इसके बाद से पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं और पार्टी के कई विधायक बागी हो गए। वहीं, चंद्रशेखर आजाद की बात करें तो उनकी आजाद समाज पार्टी पहली बार हरियाणा में चुनाव लड़ेगी।
कैसे हैं हरियाणा के समीकरण
हरियाणा के सियासी समीकरणों की बात करें तो यहां पर दलित और जाट वोटर्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। हरियाणा में 25 फीसदी जाट मतदाता हैं तो दलित मतदाता की संख्या 20 फीसदी है। ऐसे में दुष्यंत चौटाला और चंद्रशेखर आजाद के साथ आने से अन्य पार्टियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
