एजुकेशन

JEE एडमिशन के लिए 75% अंकों की पात्रता में नहीं मिलेगी छूट, IIT रुड़की ने किया मना

सीबीएसई (CBSE) के अंकों को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या इस वर्ष जेईई (JEE) के जरिए आईआईटी में प्रवेश के लिए निर्धारित 75 फीसदी नंबरों की पात्रता शर्त में एक बार की छूट दी जा सकती है!

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JEE एडमिशन के लिए 75% अंकों की पात्रता में नहीं मिलेगी छूट

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में हुई गड़बड़ी के कारण JEE क्वालिफाई करने वाले छात्र बहुत परेशान हैं। इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले बहुत से छात्र, जिन्होंने JEE एडवांस्ड क्वालिफ़ाई करके IIT में एडमिशन पक्का कर लिया था, वे CBSE की 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा में 75% मार्क्स नहीं ला पाए। चूंकि IIT में सीट पाने के लिए उम्मीदवारों का कम से कम 75% या उससे ज्यादा मार्क्स लाना जरूरी है, इसलिए उनके बीच एक बड़ी उलझन पैदा हो गई है। कई छात्र IIT रुड़की से गुजारिश कर रहे हैं कि वे एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (योग्यता के नियम) में एक बार के लिए छूट दें।

क्या IIT रुड़की ने छात्रों की गुज़ारिश मान ली है?

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की (IIT), जो JEE एडवांस्ड 2026 का आयोजन करने वाली संस्था है। उसकी ओर से उम्मीदवारों की गुजारिश मानने से इनकार कर दिया है। जब ANI ने यूनिवर्सिटी से पूछा कि क्या संबंधित अधिकारी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में किसी तरह की छूट देने पर विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मार्क्स में कोई छूट नहीं दी जाएगी, क्योंकि इसमें 36 अलग-अलग बोर्ड के छात्र शामिल हो रहे हैं।

IIT रुड़की ने एक बयान में कहा, "हमने यह क्राइटेरिया लगभग दिसंबर में ही जारी कर दिया था, और पिछले साल भी कुछ कैंडिडेट्स को मुख्य रूप से कम परसेंटेज की वजह से IIT/NIT में सीटें नहीं मिल पाई थीं। इसलिए, इसमें ढील देना संभव नहीं है।"

क्या IIT या NIT में सीट पाने के लिए बोर्ड परीक्षा में 75% मार्क्स लाना ज़रूरी है?

हां! आधिकारिक योग्यता नियमों के अनुसार, IIT, IIIT, NIT और केंद्र सरकार से फंड पाने वाले दूसरे टेक्निकल संस्थानों में सीट पाने के लिए 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% मार्क्स लाना जरूरी है।

क्या IIT ने कभी JEE की तैयारी करने वाले छात्रों को 75% मार्क्स की शर्त में कोई छूट दी थी?

हां! IIT ने एक बार COVID-19 महामारी के दौरान इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों को छूट दी थी। हालांकि, कुछ समय के लिए रोके जाने के बाद इसे फिर से लागू कर दिया गया।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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