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भारत का इकलौता राज्य जो पूर्व में होकर भी कहलाता है पश्चिम, कम लोगों को पता है कारण

West Bengal Name Before Independence in hindi: भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इनमें से कई पूर्व में हैं, तो कई पश्चिम दिशा में, कई उत्तर में तो कई दक्षिण में। जो राज्य जिस दिशा में है, उसे वैसी ही भूगौलिक पहचान मिली है जैसे उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत। लेकिन केवल एक प्रदेश ऐसा है, जो पूर्व में होकर भी पश्चिम कहलाता है। जानें इसके बारे में, ये एक ट्रिकी सवाल की तरह है, जिसे प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने की संभावना बहुत रहती है।

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भारत का इकलौता राज्य जो पूर्व में होकर भी कहलाता है पश्चिम (image - chat gpt)

West Bengal Name Interesting Facts: भारत में कई राज्य पूर्व में हैं, तो कई पश्चिम दिशा में, कई उत्तर में तो कई दक्षिण में। जो राज्य जिस दिशा में है, उसे वैसी ही भूगौलिक पहचान मिली है जैसे उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत। लेकिन केवल एक प्रदेश ऐसा है, जो पूर्व में होकर भी पश्चिम कहलाता है। जानें इसके बारे में, ये एक ट्रिकी सवाल की तरह है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने की संभावना बहुत है। भारत के पूर्व में स्थित राज्यों को पूर्वोत्तर राज्य कहा जाता है, लेकिन भारत के पूर्वी हिस्से में "West Bengal" भी आता है, और इसे पश्चिम बंगाल कहा जाता है। तो ऐसा क्या कारण है कि इसे दिशा के विपरीत नाम मिला? और भारत के पूर्व में होने के बावजूद इसे पश्चिम बंगाल कहा जाने लगा।

क्या है कारण

पश्चिम बंगाल को पश्चिम बंगाल कहने के पीछे का कारण भौगोलिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और राजनीतिक है। यह नाम ब्रिटिश शासन के अंत में बंगाल के विभाजन से जुड़ा है। आपको पता होगा कि बंगाल प्रांत का विभाजन 1947 में हुआ। बंटवारे के बाद एक हिस्से को पूर्वी बंगाल कहा गया, जबकि दूसरे हिस्से को पश्चिमी बंगाल कहा गया।

'पूर्वी बंगाल' बाद में बांग्लादेश बन गया यानी पूरी तरह से 'अलग और स्वतंत्र देश', जबकि पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा और इसे 'पश्चिम बंगाल' नाम से ही जाना गया। यह नाम अविभाजित बंगाल के संदर्भ में इसकी भौगोलिक स्थिति को दर्शाता है।

बंगाल का बटवारा क्यों हुआ?

1905 में बंगाल का बटवारा (बंग-भंग) मुख्य रूप से ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय राष्ट्रवाद को कमजोर करने और "फूट डालो और राज करो" की नीति के तहत किया गया था। तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन ने इसे प्रशासनिक सुविधा बताया, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ना और बंगाली बुद्धिजीवियों के राजनीतिक प्रभाव को कम करना था।

पूर्वी बंगाल में मुस्लिम बहुल लोग थे, यानी मुस्लिमों की संख्या ज्यादा थी, इसीलिए ये पूर्वी पाकिस्तान में शामिल हो गया। लेकिन इससे भारत के लिए मुश्किल बढ़ने लगी क्योंकि भारत के दोनों दिशाओं (पूर्वी और उत्तर पश्चिम) में पाकिस्तान बन गया। चूंकि पूर्वी बंगाल 'पाकिस्तान' का हिस्सा बन गया, ऐसे में उसे पूर्वी पाकिस्तान नाम दिया गया।

भारत और पाकिस्तान युद्ध

इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 युद्ध हुआ, जिसमें भारत ने जीत हासिल की और पूर्वी पाकिस्तान को मुख्य पाकिस्तान से अलग कराया गया। इस नए हिस्से का नाम पड़ा 'बांग्लादेश', जो कि अपने आप में स्वतंद देश बना।

भारत के हिस्से वाले बंगाल यानी पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या ज्यादा थी, इसलिए ये भारत का हिस्सा बना रहा। अब चूंकि एक क्षेत्र को दो भागों (पूर्वी बंगाल और पश्चिम बंगाल) में बाटा गया, ऐसे में एक को पूर्वी बंगाल जाना गया, और दूसरे को पश्चिम बंगाल।

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Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंह author

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई क... और देखें

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