लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को मेरठ पहुंचकर दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पीड़ित परिवार की सभी मांगें तत्काल पूरी करे और मृतक छात्रा को न्याय दिलाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ कथित अत्याचार और हत्या के मामले में नामजद आरोपियों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि आंदोलन करने वालों पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
उन्होंने इसे 'नाइंसाफी की पराकाष्ठा' बताते हुए कहा कि इससे न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। सपा अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उसके ही वरिष्ठ अधिकारियों का व्यवहार आम जनता का भरोसा तोड़ने वाला है। उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस अधिकारी के व्यवहार का वीडियो देश-दुनिया में वायरल होने से उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि प्रभावित हुई है और इससे कर्तव्यनिष्ठ एवं संवेदनशील पुलिसकर्मी भी असहज महसूस कर रहे होंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति सरकार का रवैया चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग ही शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, तब पुलिस से न्याय की अपेक्षा करना कठिन हो जाता है।
उन्होंने कहा, "पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा।" साथ ही भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जनता भाषण नहीं, न्याय और जवाबदेही चाहती है। अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, "जब वो खुद ही बेलगाम है, जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान हैं।
