उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) के असफल अभ्यर्थियों का धरना प्रयागराज में लगातार चल रहा है। प्रतियोगी धरना स्थल से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जाकर प्रदर्शन करने के लिए रवाना हुए तो पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करने लगी। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई। छात्रों का नेतृत्व कर रहे चार छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर रवाना हो गई लेकिन सवाल है कि यूपी टीईटी रिजल्ट को लेकर विवाद क्या है और ओएमआर शीट में सुधार की मांग क्यों हो रही है।
प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्र नेता इंद्रजीत व सत्येंद्र यादव ने कहा कि यूपी-टीईटी में एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को फेल किया गया है। इसमें ज्यादातर ने ओएमआर शीट भरने में गलती कर दी थी। तमाम छात्र नॉर्मलाइजेशन के कारण भी फेल हुए हैं। अब अभ्यर्थी शिक्षा सेवा आयोग से मांग कर रहे हैं कि इन पर विचार किया जाए। इन्हीं मांगों के समर्थन में ये अभ्यर्थी दो दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
बता दें कि UPTET 2026 परीक्षा का आयोजन 2 से 4 जुलाई 2026 के बीच किया गया था। इस परीक्षा में 17 लाख 70 हजार 714 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 26 अगस्त, 2026 को UPTET Result 2026 का परिणाम जारी किया गया था। रिजल्ट के बाद OMR शीट को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई थीं। आयोग के मुताबिक, OMR शीट की जांच मशीन के जरिए हुई है। हालांकि, पासिंग सर्टिफिकेट में नाम, डेट ऑफ बर्थ से जुड़ी गलती होने पर अभ्यर्थियों को सुधार का मौका देने की बात आयोग ने कही है।
दरअसल, OMR शीट में रोल नंबर और प्रश्न पुस्तिका नंबर की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसी के आधार पर कंप्यूटर सिस्टम आंसर कॉपी की पहचान करता है। ऐसे में अगर कोई अभ्यर्थी इन जानकारियों को गलत भरता है या उन्हें खाली छोड़ देता है, तो मशीन के जरिए आंसर कॉपी चेक करने में मुश्किल आ सकती है। आयोग ने साफ कहा है कि OMR शीट की जांच पूरी तरह मशीन के जरिए होती है। ऐसे में अगर किसी अभ्यर्थी ने रोल नंबर या प्रश्न पुस्तिका नंबर गलत भरा है, तो बाद में इस गलती को सुधारकर रिजल्ट बदलने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी। OMR भरते समय हुई गलती की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की ही मानी जाएगी।
