Uttarakhand School Closed Today: उत्तराखंड में लगातार खराब हो रहे मौसम को देखते हुए तीन जिलों के स्कूली छात्रों के लिए राहत की खबर है। भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में 14 अगस्त 2026 को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। यह अवकाश कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू रहेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 14 अगस्त को राज्य में कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। IMD की चेतावनी में 14 से 17 अगस्त के दौरान उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
देहरादून में स्कूल बंद (Dehradun School Closed)
देहरादून में जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, आज 14 अगस्त को एक दिन के लिए सभी स्कूल बंद रहेंगे। यह निर्णय मौसम की स्थिति और भारी बारिश से पैदा होने वाले संभावित जोखिम को देखते हुए लिया गया है। जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी इस आदेश के दायरे में रहेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान बच्चों को सुरक्षित रखना है।

उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से स्कूल बंद
नैनीताल में स्कूल बंद (Nainital School Closed)
नैनीताल जिले में भी लगातार बारिश और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी यह आदेश लागू होगा। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव, भूस्खलन और रास्तों में रुकावट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में छात्रों की आवाजाही को रोकना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है।
पिथौरागढ़ में स्कूल बंद (Pithoragarh School Closed)
पिथौरागढ़ जिले में भी जिला प्रशासन ने भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए 14 अगस्त को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया है। यह आदेश कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों के लिए लागू रहेगा। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए प्रशासन ने विद्यार्थियों को घर पर सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दी है।
स्कूल बंद होने के दौरान अभिभावकों को बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी, नदी-नालों और भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर जाने से बचें।
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