नई दिल्ली में सूत्रों ने बुधवार रात बताया कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान संभाली थी। उस समय पंजाब कांग्रेस में भारी गुटबाजी थी और पार्टी को उसी साल हुए चुनावों में आम आदमी पार्टी से करारी हार का सामना करना पड़ा था। राज्य में होने वाले चुनावों से छह महीने पहले कांग्रेस पंजाब में अपनी पार्टी को व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है।
उम्मीद है कि पार्टी अगले 24-48 घंटों में उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा करेगी। मीडिया सूत्रों के अनुसार, उनकी जगह लेने की दौड़ में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, जालंधर कैंट के विधायक और पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह, और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल हैं।
2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान संभाली थी
वडिंग, जो 2024 में लुधियाना से सांसद बने, ने अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान संभाली थी। यह जिम्मेदारी उन्होंने तब ली थी जब पंजाब कांग्रेस में भारी गुटबाज़ी चल रही थी और पार्टी को आम आदमी पार्टी (AAP) से बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी के भीतर की यह गुटबाज़ी कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई; बल्कि हाल के महीनों में यह और बढ़ गई।
दूसरा गुट चरणजीत सिंह चन्नी के साथ था
वडिंग को एक गुट के चेहरे के तौर पर देखा जाता था, जबकि दूसरा गुट चरणजीत सिंह चन्नी के साथ था। चन्नी ने 2022 की हार से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाए जाने के बाद कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया था। 2022 की हार से पहले की आपसी कलह इस बार फिर से देखने को मिली, खासकर तब जब पार्टी ने जुलाई में राजा वडिंग पर ही भरोसा बनाए रखने का फैसला किया। पार्टी के तत्कालीन केंद्रीय प्रभारी भूपेश बघेल को वडिंग का पक्षधर माना जाता था।
