NEET UG की परीक्षा आने वाले समय में पेन-पेपर की जगह कंप्यूटर (CBT Mode) पर आयोजित किए जाने की तैयारी चल रही है। इसका मकसद सिर्फ NEET UG ही नहीं, बल्कि भविष्य में दूसरे बड़े राष्ट्रीय स्तर के एंट्रेंस एग्जाम को भी ऑनलाइन कराने के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार करना है। सरकार की योजना में देश के अलग-अलग हिस्सों में परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने और वहां एक जैसी परीक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर है। खास तौर पर उन इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां अभी पर्याप्त टेस्ट सेंटर उपलब्ध नहीं हैं।
ऑनलाइन परीक्षा के लिए कंप्यूटर, नेटवर्क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्रोतों से इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का मॉडल भी तैयार किया जा रहा है।
ग्रामीण छात्रों के लिए भी होगी व्यवस्था
ऑनलाइन परीक्षा शुरू करने से पहले सरकार इसके असर का भी अध्ययन करेगी। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के छात्रों, महिला उम्मीदवारों और ऐसे जिलों के विद्यार्थियों को ध्यान में रखा जाएगा, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। मकसद यह है कि परीक्षा का तरीका बदलने से किसी वर्ग के उम्मीदवार को परेशानी न हो।
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हालांकि, NEET UG को CBT मोड में कराने को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है। यह फैसला नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की परीक्षा सुधारों पर आने वाली सिफारिशों के बाद लिया जाएगा। इस टास्क फोर्स को परीक्षा की सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है।
NEET UG 2026 पेपर लीक के बाद बढ़ी चिंता
NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायतों के बाद NTA ने 12 मई को इसे रद्द कर दिया था। बाद में 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराई गई। CBI की चार्जशीट में NTA से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों पर सवालों को कथित तौर पर याद करने, चिट्स पर लिखने और आगे पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। जांच में WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
फिलहाल CBT व्यवस्था की तैयारी चल रही है और NEET UG के ऑनलाइन मोड को लेकर अंतिम आधिकारिक फैसला संबंधित सिफारिशों के बाद स्पष्ट होगा।
