UP Principal Vacancy 2026: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती शुरू होने से पहले ही मामला विवादों में आ गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से करीब 13 साल बाद इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू होने हैं, लेकिन नए नियमों को लेकर शिक्षकों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य के 1172 और प्रधानाध्यापक के 1475 पदों पर भर्ती होनी है।
UP Principal Vacancy 2026 Eligibility - भर्ती के नए नियमों में परास्नातक स्तर पर कम से कम 50 प्रतिशत अंक और बीएड जैसी योग्यता को लेकर सबसे ज्यादा विरोध सामने आया है। शिक्षकों का कहना है कि इस शर्त के कारण ऐसे कई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं, जिनकी नियुक्ति पहले से अलग नियमों के तहत हुई है।
शिक्षकों ने इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में याचिकाएं भी दाखिल की हैं।
नए संशोधन के बाद बढ़ा विवाद
2 सितंबर को जारी संशोधन में प्रधानाचार्य पद के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक डिग्री और बीएड या बीपीएड जैसी योग्यता का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त संस्थान के कक्षा 9 से 12 तक के स्तर पर प्रवक्ता या सहायक अध्यापक अथवा हाईस्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर कम से कम चार साल के शिक्षण अनुभव की शर्त भी बताई गई है।
आवेदन से पहले कोर्ट पहुंचा मामला
शिक्षकों का कहना है कि परास्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। अब भर्ती का आवेदन शुरू होने से पहले ही मामला कोर्ट पहुंच चुका है। ऐसे में आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है। उम्मीदवारों को भर्ती से जुड़े ताजा अपडेट के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक जानकारी देखते रहना चाहिए।
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