UPSC CSE 2025 Success Story: यूपीएससी सीएसई 2025 फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद कई सक्सेस स्टोरी सामने आईं। लेकिन सुमेरपुर ब्लॉक के दो युवाओं के संघर्ष की कहानी दिल छू लेगी। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर सुमेरपुर ब्लॉक के दो युवाओं ने पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। सरांय मनिहार गांव के निवासी गौरव प्रताप सिंह और पाटन के योगी नगर के रहने वाले अमन वर्मा ने इस कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर दिखा दिया कि संसाधन के अभाव में भी कठिन से कठिन परीक्षा को पास किया जा सकता है। इसके लिए केवल मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत की जरूरत है। इन दोनों युवाओं ने साबित किया कि गांव के युवा भी देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।
गौरव प्रताप सिंह और अमन वर्मा की रैंक
यूपीएससी द्वारा आज 6 मार्च को सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल परिणाम जारी किए गए। इसमें गौरव प्रताप सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 317 हासिल की है, जबकि अमन वर्मा को 505वीं रैंक मिली है। दोनों युवाओं की इस सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी उपलब्धि को पूरे इलाके के लिए प्रेरणादायक मान रहे हैं।
गौरव प्रताप सिंह की स्कूलिंग और डिग्री
गौरव प्रताप सिंह सरांय मनिहार गांव के रहने वाले हैं और बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उनके पिता उदय भान सिंह महाराष्ट्र के गोंदिया में रेलवे विभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता अनीता सिंह गृहिणी हैं। गौरव ने अपनी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय बालाघाट (मध्य प्रदेश) से पूरी की और इसके बाद उन्होंने आईआईटी पटना से बीटेक की डिग्री हासिल की।
हार से कभी नहीं हुए निराश
यूपीएससी की तैयारी के दौरान गौरव को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दो बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद उनका नाम अंतिम सूची में नहीं आ पाया था। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। आखिरकार चौथे प्रयास में उन्होंने 317वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें कई बड़ी कंपनियों से नौकरी के प्रस्ताव भी मिले थे, लेकिन उन्होंने देश सेवा के अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी।
अमन वर्मा की स्कूलिंग और डिग्री
दूसरी ओर, अमन वर्मा ने भी अपनी मेहनत और लगन से इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने दूसरे प्रयास में ही यूपीएससी परीक्षा पास कर 505वीं रैंक प्राप्त की। अमन की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई जनपद के कस्बा बिहार स्थित त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज से हुई है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और मेहनत से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है।
दोनों युवाओं की सफलता से गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। ग्राम प्रधान पिंशू सिंह, बच्चा सिंह, प्रभात सिंह सहित कई लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है। लोग मानते हैं कि गौरव और अमन की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
गौरव प्रताप सिंह और अमन वर्मा की सफलता की कहानी
ये सक्सेस उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो गांव की पगडंडियों से भी देश की सबसे बड़ी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
आज देखिये राजस्थान आरबीएसई 10th सरकारी रिजल्ट 2026, शाला दर्पण बोर्ड 5वीं और 8वीं के परिणाम का सबसे लेटेस्ट अपडेट टाइम्स नाउ नवभारत एजुकेशन सेक्शन पर
