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AKANSH DHULL: तीसरे प्रयास में AIR 3 लाकर एकांश ढुल ने गाड़ा झंडा, 22 की उम्र में बनाया कीर्तिमान

UPSC CSE 2025 Topper AKANSH DHULL AIR 3 Success Story: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने आज 6 मार्च को सिविल सर्विसेज एग्जाम (CSE) का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें AKANSH DHUL ने AIR 3 पाई है।

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UPSC CSE 2025 Topper: तीसरे प्रयास में AIR 3 लाकर एकांश ढुल ने गाड़ा झंडा

UPSC CSE 2025 Topper AKANSH DHULL AIR 3 Success Story: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने आज 6 मार्च को सिविल सर्विसेज एग्जाम (CSE) का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें AKANSH DHUL ने AIR 3 पाई है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in से अपना परिणाम देख सकते हैं। UPSC CSE 2025 Final Result with Marks देखने के लिए इस Link पर भी क्लिक कर सकते हैं।

UPSC Topper AKANSH DHULL अभी मात्र 22 से 23 साल के बीच में हैं। उन्होंने चंडीगढ़ से अपनी स्कूलिंग की और फिर मैं ग्रेजुएशन करने के लिए दिल्ली शिफ्ट हो गए। उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम ऑनर्स किया। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर Commerce and Accountant लिया था।

सिविल सर्विसेज क्यों था पसंद

एकांश ढुल दो-तीन कारणों से यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को पसंद करते थे, पहला कारण था कि वे जानते और समझते थे कि सिविल सर्वेंट माइक्रो और मैक्रो लेवल पर क्या इम्पैक्ट डाल सकता है, दूसरा उनके पेरेंट्स भी चाहते थे कि वे सिविल सर्विसेज की तैयारी करें। उनके माता पिता ने एकांश ढुल को इस परीक्षा के लिए जमकर मोटिवेट किया।

इसके अलावा एक और कारण था कि वे पढ़ाई में अच्छे थे, और उन्हें यकीन था कि वे भारत की कठिनतम परीक्षा में से एक यूपीएससी सीएसई को क्रैक कर सकते हैं।

एकांश ढुल के माता पिता क्या करते हैं?

एकांश ढुल बीजेपी नेता कृष्ण ढुल के बेटे हैं। उनकी मां एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं, हालांकि पहले वे स्कूल टीचर हुआ करती थीं। एक बार एकांश ढुल ने पूछा कि प्राइवेट स्कूलों और पब्लिक स्कूलों में इतना बड़ा डिफरेंस क्यों है, तब उनकी मां ने कहा केवल एडमिनिस्ट्रेटर्स के पास इस तरह के अधिकार होते हैं, उस पल से एकांश ढुल का विश्वास और भी मजबूत हुआ कि प्रशासनिक सेवा की ओर जाएंगे।

एकांश ढुल का मानना है कि सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए प्राइमरी एजुकेशन यूनिवर्सल होनी चाहिए, सेकेंडरी एजुकेशन को वोकलाइज किया जाना चाहिए और टर्शियरी एजुकेशन में स्पेशलाइजेशन होना चाहिए।

तीसरे प्रयास में AIR 3

मीडिया में मिली जानकारी के अनुसार, एकांश ढुल ने पहले प्रयास में 342वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षा दी, और इस बार न सिर्फ परीक्षा को दोबारा पास किया, बल्कि अपनी रैंक में भी सुधार करते हुए 295वीं रैंक हासिल की। लेकिल अभी भी वे संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने एक और अटेम्प्ट दिया और इस बार AIR 3 लाकर नया उदाहरण सबके सामने ला खड़ा किया।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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