How to grow mushroom ta home: बालकनी में धनिया, पुदीना और टमाटर उगाना अब आम बात है। लेकिन क्या आपने कभी घर पर मशरूम उगाने के बारे में सोचा है? पहली नजर में यह काम थोड़ा मुश्किल लग सकता है। मशरूम मिट्टी में नहीं उगता। इसे ज्यादा धूप भी नहीं चाहिए। इसके बावजूद सही तरीका अपनाया जाए तो घर का छोटा-सा खाली कोना आपका मिनी मशरूम फार्म बन सकता है।
यूट्यूब चैनल Urban Gardening, जिसे मोहित कुमार सिंह राजपूत चलाते हैं, के वायरल वीडियो में घर पर मशरूम उगाने की प्रक्रिया दिखाई गई है। वीडियो का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसका नतीजा है। करीब 30 दिनों की देखभाल के बाद उगे ताजे मशरूम देखकर यह प्रयोग आजमाने लायक लगता है। हालांकि फसल तैयार होने में लगने वाला समय मौसम, मशरूम की किस्म और घर के वातावरण के अनुसार बदल सकता है।
घर पर कौन-सा मशरूम आसानी से उगाया जा सकता है
शुरुआत करने वालों के लिए ऑयस्टर मशरूम यानी ढिंगरी मशरूम अच्छा विकल्प माना जाता है। सीप जैसी बनावट के चलते इसे ऑयस्टर मशरूम कहा जाता है।
बटन मशरूम की तुलना में ऑयस्टर मशरूम को उगाने के लिए तापमान नियंत्रित करने वाली जटिल व्यवस्था की जरूरत कम पड़ती है। इसे भूसे पर उगाया जा सकता है और इसके लिए बहुत बड़ी जगह भी नहीं चाहिए। तैयार मशरूम ग्रो बैग घर की शेल्फ, हवादार स्टोर रूम या छायादार बालकनी में रखा जा सकता है।
मशरूम उगाने के लिए किन चीजों की जरूरत होगी
घर पर ऑयस्टर मशरूम उगाने के लिए बहुत महंगा सामान खरीदने की जरूरत नहीं है। आपको साफ और सूखा गेहूं या धान का भूसा, अच्छी गुणवत्ता का मशरूम स्पॉन, साफ पानी और मजबूत पारदर्शी पॉलीबैग चाहिए।
मशरूम स्पॉन को आम बोलचाल में मशरूम का बीज कहा जाता है। इसे किसी भरोसेमंद कृषि केंद्र, मशरूम प्रशिक्षण केंद्र या प्रमाणित विक्रेता से ही लेना बेहतर है। खराब या बहुत पुराना स्पॉन इस्तेमाल करने पर बैग में मशरूम के स्थान पर दूसरी फफूंद लग सकती है।
घर पर ऑयस्टर मशरूम कैसे उगाएं
सबसे पहले भूसे को छोटे टुकड़ों में काटकर साफ करें। इसके बाद इसे गर्म पानी साफ करें ताकि इसमें मौजूद अनचाहे सूक्ष्म जीवों और फफूंद का खतरा कम हो सके। भीगे भूसे का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकलने दें। भूसा नम रहना चाहिए, लेकिन उससे पानी टपकना नहीं चाहिए।
अब साफ पॉलीबैग में भूसे की एक परत बिछाएं। इसके ऊपर थोड़ा मशरूम स्पॉन फैलाएं। इसी तरह भूसे और स्पॉन की अलग-अलग परतें बनाते हुए बैग भर लें। बैग को बांधने के बाद उसमें कुछ छोटे छेद करें। ये छेद हवा के आवागमन और बाद में मशरूम निकलने में मदद करेंगे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हाथ, बर्तन और काम करने की जगह साफ रखना बहुत जरूरी है। मशरूम उगाने में उत्साह से ज्यादा सफाई काम आती है।
मशरूम का बैग घर में कहां रखें
मशरूम के बैग को तेज धूप में रखना सही नहीं है। ऐसा साफ कोना चुनें जहां सीधी धूप न आती हो, लेकिन हवा का हल्का आवागमन बना रहे। जगह में नमी होनी चाहिए, पर वहां घुटन या पानी का जमाव नहीं होना चाहिए।
बैग के आसपास हल्का पानी स्प्रे किया जा सकता है। इसका उद्देश्य वातावरण में नमी बनाए रखना है, बैग को पानी से भिगो देना नहीं। बहुत ज्यादा पानी देने से सड़न और हरी या काली फफूंद लगने का खतरा बढ़ सकता है।
शुरुआती दिनों में भूसे पर सफेद जाल जैसा फैलाव नजर आने लगता है। इसे मायसीलियम कहा जाता है। यही आगे चलकर मशरूम तैयार करता है। कुछ समय बाद बैग में बने छेदों से छोटी-छोटी कलियां निकलती दिखाई दे सकती हैं।
मशरूम कितने दिन में तैयार होता है
अनुकूल वातावरण मिलने पर ऑयस्टर मशरूम की पहली फसल लगभग तीन से छह सप्ताह में मिल सकती है। यानी 20 से 40 दिन का औसत समय मशहूर उगाने के लिए माना जाता है।
मशरूम के किनारे ज्यादा मुड़ने या सूखने से पहले पूरा गुच्छा नीचे से हल्के हाथ से घुमाकर निकाला जा सकता है। सही देखभाल मिलने पर उसी बैग से अंतराल के बाद एक से अधिक बार मशरूम निकल सकते हैं।
हरी या काली फफूंद दिखे तो क्या करें
अगर बैग में हरा, काला या दुर्गंध वाला हिस्सा दिखाई दे तो उसे सामान्य सफेद मायसीलियम न समझें। ऐसे बैग को दूसरे ग्रो बैग से तुरंत अलग कर दें। सड़ा हुआ या संदिग्ध मशरूम न खाएं। पहली बार यह प्रयोग करते समय एक साथ कई बैग लगाने के बजाय एक या दो छोटे बैग से शुरुआत करना समझदारी होगी।
