Mid Day Meal: ममता बनर्जी सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए एक बेहद ही अहम फैसला लिया है। राज्य के सभी स्कूलों में छात्रों को अब अतिरिक्त पोषण के तौर पर मिड डे मील में दाल - चावल और कढ़ी के साथ ही मांस, अंडे और फल भी दिए जाएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने राशि आवंटित की है और सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी से फरवरी तक के लिए नया मेन्यू तैयार किया गया है। बंगाल के स्कूली छात्रों को मिड डे मील में अब चिकन भी दिया जाएगा। साथ ही सप्ताह में तीन दिन अंडे और मौसमी फल भी मिलेंगे। इसके लिए कुल 370 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। बता दें कि स्कूलों में मिड डे मील के लिए केंद्र की ओर से 60 प्रतिशत और राज्य की ओर से 40 प्रतिशत राशि आवंटित की जाती है।
दरअसल, मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार की कई खबर सामने आ रही थी। चावल चोरी, घटिया खाना परोसने, ज्यादा छात्रों को खाना खिलाकर दिखाने जैसी शिकायतों से निपटने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में केंद्रीय निगरानी दल बनाने का फैसला किया था। वहीं, न्यूट्रिशनिस्ट्स ने भी भोजन में पोषक तत्वों को शामिल करने की बात कही थी। जिसके बाद सरकार की और से यह पहल की गई।
सरकार को मिड डे मील को लेकर छात्रों और अभिभावक के अलावा विपक्ष की आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा था। वहीं, केंद्र सरकार ने भी भ्रष्टाचार को लेकर नाराजगी जताई थी। दूसरी तरफ राज्य में कुछ दिन बाद पंचायत चुनाव भी है। ऐसे में मिड डे मील की इस नई योजना को पंचायत चुनाव से पहले लोगों को लुभाने की पहल मानी जा रही है।
