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Success Story: 10वीं में आए 78% आए, लेकिन मां-बाप को चाहिए थे 90%, घर वाले रिजल्ट ना पूछें इसलिए बेटे ने किया ये काम

Rohit Ugale Success Story: बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक आने पर अक्सर छात्र निराश हो जाते हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हो उठते हैं लेकिन महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव सिन्नर के रहने वाले रोहित उगले उन छात्रों को प्रेरित करते हैं जो नंबर कम आने पर निराश हो जाते हैं।

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Rohit Ugale Success Story

Rohit Ugale Success Story: बोर्ड रिजल्ट का सीजन चल रहा है। बिहार बोर्ड ने नतीजे जारी कर दिए हैं, वहीं यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश बोर्ड के नतीजों का इंतजार हो रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक आने पर अक्सर छात्र निराश हो जाते हैं लेकिन महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव सिन्नर के रहने वाले रोहित उगले उन छात्रों को प्रेरित करते हैं जो नंबर कम आने पर अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो जाते हैं। रोहित उगले के 10वीं कक्षा में 78% अंक आए जबकि उनके माता-पिता 90% की उम्मीद कर रहे थे। घर वाले रिजल्ट ना पूछें इस डर से उन्होंने एक नया रास्ता चुना और सफल होकर माता पिता का नाम रोशन कर दिया।

रोहित उगले की प्रारंभिक शिक्षा येवला के SND इंग्लिश मीडियम स्कूल में हुई। उन्होंने अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा सिन्नर के नवजीवन डे स्कूल से उत्तीर्ण की। जब 10वीं का परिणाम घोषित हुआ और रोहित को 78% अंक मिले, तो परिवार वालों को नंबर उम्मीद से कम लगा। उनके माता-पिता ने रोहित से 90% से अधिक अंकों की अपेक्षा की थी। इस कारण घर का माहौल कुछ दिनों तक काफी तनावपूर्ण रहा।

इस तनाव ने रोहित को एक नई दिशा दी और उन्होंने सोच लिया कि वह साबित करके रहेंगे कि जीवन में सफलता केवल अंकों पर निर्भर नहीं करती। धीरे-धीरे उन्होंने यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग की बारीकियां सीखीं और वेबसाइट बनाने का काम शुरू किया। इसी दौरान, उन्होंने कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की समझ विकसित की। साथ ही PHP और Java जैसी प्रोग्रामिंग भाषाएं सीखीं।

साल 2017 में केवल 16 वर्ष की आयु में रोहित ने अपनी एक कंपनी बनाई जो आज 100 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। रोहित की उद्यमशीलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उन्हें अभिनेता सोनू सूद के द्वारा बेस्ट आईटी स्टार्टअप का पुरस्कार प्रदान किया। आज वह आईटी और सॉफ्टवेयर, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा उत्पाद, इवेंट मैनेजमेंट और ब्रांड प्रमोशन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और तमाम युवाओं को प्रेरणा देने का काम कर रहे हैं। उनकी इस सफलता पर आज उनके माता पिता भी गौरवान्वित हैं।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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