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उत्तराखंड के किस जिले में आता है ऋषिकेश, अकसर कन्फ्यूज हो जाते हैं लोग

क्या आप जानते हैं कि देवों की भूमि उत्तराखंड के किस जिले में ऋषिकेश आता है। योग नगरी ऋषिकेश लोग एकांत की खोज में आते हैं। हर साल देश विदेश से यहां ढेर सारे टूरिस्ट आते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि ये उत्तराखंड के किस जिले में आता है...

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Rishikesh

Facts about Rishkesh: ऋषिकेश को उत्तराखंड की योग नगरी यूं ही नहीं कहा जाता है। यहां दूर दूर से लोग एकांत की खोज में आते हैं। मगर क्या आपको पता है कि योग नगरी उत्तराखंड के कौन से जिले में आती है? उत्तराखंड के GK के लिए ये सवाल बेहद मायने रखता है क्योंकि अकसकर लोगों को ये मालूम ही नहीं होता कि उत्तराखंड के किस जिले में ऋषिकेश आता है। ऐसे में चलिये आपको बताते हैं कि इस सवाल का क्या जवाब है...

अकसर कन्फ्यूज हो जाते हैं लोग

ऋषिकेश को लेकर अकसर लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि ये आखिर किस जिले में आता है। कई लोग तो ये तक कह देते हैं कि ऋषिकेश खुद ही एक जिला है। मगर क्या आपको पता है कि ऐसा नहीं है। ऋषिकेश एक जिला नहीं है। बल्कि ऋषिकेश उत्तराखंड के एक जिले में आता है। बल्कि एक नहीं दो-दो।

किस जिले में आती है उत्तराखंड की योग नगरी ?

जी हां! उत्तराखंड की योग राजधानी कहे जाने वाले ऋषिकेश को लेकर अकसर प्रतियोगी परीक्षाओं में कई तरह के सवाल पूछ लिए जाते हैं। इन्हीं मे से एक सवाल है कि ऋषिकेश किस जिले में आता है। बताते चलें कि उत्तराखंड की योग राजधानी ऋषिकेश एक नहीं बल्कि दो जिलों में आता है।

क्या दो जिलों में आता है ऋषिकेश?

ऋषिकेश को प्रशासनिक नजरिये से देखा जाए तो ये देहरादून और गढ़वाल दो जिलों में बंटा हुआ है। वैसे तो ये देहरादून के अंतर्गत आता है मगर ऋषिकेश का कुछ हिस्सा टिहरी गढ़वाल जिले के अंतर्गत भी आता है। हिमालय की तलहटी में गंगा किनारे बसी हुई ऋषिकेश नगरी देहरादून जिले में आती है। इसे गढ़वाल हिमालय का प्रवेश द्वार और विश्व की योग राजधानी भी कहा जाता है।

ऋषिकेश का इतिहास भी काफी समृद्ध रहा है। यहां का पुराना नाम कुब्जाम्रक था।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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