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बिहार के इस मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें, NMC को भेजा प्रस्ताव

Nalanda Medical College: बिहार में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर करने और डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए NMCH ने MBBS और PG कोर्स में सीटों की वृद्धि को लेकर NMC को एक प्रस्ताव भेजा है।

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बिहार के इस मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें (Photo Credit - Nalanda Medical College)

Nalanda Medical College: हर साल एमबीबीएस पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। बिहार की राजधानी पटना में स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) ने डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Nalanda Medical College प्रशासन ने नेशनल मेडिकल कमीशन को MBBS एंड PG कोर्स में सीट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, दोनों कोर्स को मिलाकर करीब 170 सीटें बढ़ाने (NMCH Medical Seats) की बात की गई है। सीटों में वृद्धि को मंजूरी मिलने पर मेडिकल पढ़ने की इच्छा रखने वाले कई और छात्रों का सपना साकार हो पाएगा।

MBBS और पीजी सीटों में वृद्धि का प्रस्ताव

नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन द्वारा NMC को भेजे गए प्रस्ताव में स्नातक यानी MBBS कोर्स में 150 सीटों की वृद्धि और स्नातकोत्तर यानी पीजी कोर्स में 20 सीटों की वृद्धि करने की बात की है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही मेडिकल में 170 सीटों की वृद्धि होगी और इससे सैकड़ों मेधावी छात्रों को अपने ही राज्य में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्हें मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने के लिए किसी दूसरे राज्य जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

Nalanda Medical

Nalanda Medical College (Photo- MBBS Councile)

क्यों रखा गया सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव

NMCH मैनेजमेंट का मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों का विस्तार करना है। सीटें बढ़ाने से अधिक से अधिक छात्र यहां प्रवेश प्राप्त कर पाएंगे। लंबे समय से एमबीबीएस सीटों की संख्या को बढ़ाने की मांग की जा रही थी, इससे पर अब एक प्रस्वात तैयार कर एनएमसी को भेजा गया है। सीटों में वृद्धि के सआथ जूनियर डॉक्टर की संख्या बढ़ेगी और इससे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में भी कुछ सुधार हो पाएगा।

बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं पर होगा प्रभाव

नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एमबीबीएस सीटों में वृद्धि से बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। सीटों में वृद्धि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सबसे अधिक राहत की बात गरीब और मध्य वर्ग के छात्रों के लिए है, जो मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए निजी कॉलेज की भारी फीस नहीं भर सकते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहा author

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्... और देखें

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