Bhagalpur News: बिहार में भागलपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई शाहकुंड थाना क्षेत्र के हरनथ गांव में की गई, जहां एक मकान में लंबे समय से अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में तैयार और अर्धनिर्मित हथियारों के अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और मशीनें भी बरामद की हैं। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि फैक्ट्री का मुख्य संचालक मौके से फरार होने में सफल रहा।
पुलिस ने गुप्त के आधार पर मारा छापा
भागलपुर के सिटी एसपी अतुलेश झा ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हरनथ गांव स्थित मोहम्मद रिजवान के घर में अवैध हथियार बनाने का काम संचालित किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई। इसके तहत शाहकुंड थाना पुलिस, भागलपुर एसटीएफ और पश्चिम बंगाल एसटीएफ की टीम ने एक जुट होकर कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थान पर छापा मारा।
क्या-क्या बरामद हुआ पुलिस को?
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से कई निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार, मशीनें और अन्य सामग्री मिली। हालांकि कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी मोहम्मद रिजवान वहां से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने मोहम्मद कासिम, मोहम्मद समीम, मोहम्मद मिराज, मोहम्मद मैसर और जब्बार मंसूरी को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों से गहन पूछताछ जारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से चार मुंगेर जिले के निवासी हैं, जबकि जब्बार मंसूरी शाहकुंड थाना क्षेत्र का रहने वाला है। सिटी एसपी ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध हथियार निर्माण गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इसके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तैयार किए गए हथियारों की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाती थी और इस गिरोह के तार किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं। वहीं, फरार आरोपी मोहम्मद रिजवान की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
