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ओडिशा सरकार ने त्रुटि वाली स्कूली Textbooks को वापस लेने से किया इनकार

ओडिशा सरकार ने त्रुटि वाली स्कूली पाठ्यपुस्तकों को वापस लेने से इनकार कर दिया और शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे कक्षा में पढ़ाते समय गलतियों की पहचान करें और उन्हें ठीक करें, जबकि संशोधित संस्करण शैक्षणिक सत्र 2027-28 से मुहैया कराए जाएंगे।

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ओडिशा सरकार ने त्रुटि वाली स्कूली Textbooks को वापस लेने से किया इनकार (Image - chatgpt)

Odisha School Textbooks: ओडिशा सरकार ने आज 18 जून को त्रुटि वाली स्कूली पाठ्यपुस्तकों को वापस लेने से इनकार कर दिया। सरकार का कहना है कि शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे कक्षा में पढ़ाते समय गलतियों की पहचान करें और उन्हें ठीक करें, जबकि संशोधित संस्करण शैक्षणिक सत्र 2027-28 से मुहैया कराए जाएंगे। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की निदेशक मधुस्मिता साहू ने पहली से आठवीं कक्षा की किताबों में गलतियां होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि ये किताबें राज्य भर के छात्रों में पहले ही बांटी जा चुकी हैं, इसलिए इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों से कहा गया है कि वे छोटी कक्षाओं के छात्रों को उनकी किताबों में गलतियों को सुधारने में मदद करें, जबकि बड़ी कक्षाओं के छात्रों को शिक्षकों की देखरेख में खुद गलतियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

संशोधित और सुधारी गई पाठ्यपुस्तकें 2027 से मिलेंगी

साहू ने कहा, ''संशोधित और सुधारी गई पाठ्यपुस्तकें 2027-28 शैक्षणिक सत्र से प्रकाशित की जाएंगी।'' उन्होंने कहा कि एससीईआरटी ने भविष्य में त्रुटि रहित पाठ्यपुस्तकें सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने पाठ्यपुस्तकों को तुरंत वापस लेने और छात्रों को त्रुटि रहित किताबें उपलब्ध कराने की मांग की।

बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने आरोप लगाया कि पाठ्यपुस्तकों में गलतियों की वजह से छात्रों में भ्रम पैदा हो सकता है और परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ सकता है।

मोहंती ने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों को ऐसी पाठ्य-पुस्तकें बांटी गईं जिनमें 1,760 गलतियां हैं, और सरकार ने गलतियां मानने के बावजूद उन किताबों को वापस नहीं लिया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के जांच के आदेश देने के एक दिन बाद, सरकार ने खामियों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया।

एक सरकारी अधिसूचना के मुताबिक विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव देव रंजन कुमार सिंह इस समिति के अध्यक्ष होंगे। ओडिया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के सचिव विजय केतन उपाध्याय और उप सचिव (सामान्य प्रशासन) स्मिता पाणी इसके सदस्य होंगे। समिति को सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

भाषा इनुपट

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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