Odisha के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की जनता के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक ऐलानों की एक झड़ी लगा दी है। शुक्रवार यानी 12 जून 2026 को मीडिया ब्रीफिंग में मुख्यमंत्री ने घोषणा कि है कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में किंडरगार्टन यानी KG से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट लेवल तक की शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त प्रदान की जाएगी। ओडिशा सरकार के शिक्षा की दिशा में उठाए इस कदम का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं और प्रतिभाशाली होने के बावजूद उन्हें शिक्षा का रास्ता छोड़ना पड़ता है। लेकिन अब सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से आर्थिक तंगी के कराण राज्य के किसी भी छात्र को पढ़ाई नहीं छोड़नी पड़ेगी।
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शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
मुख्यमंत्री माझी ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह भी कहा कि मुफ्त शिक्षा नीति को लागू करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को सही मायने में हर वर्ग के लिए सुलभ बनाना है। अब आर्थिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में पीछे नहीं रहेगा। इतना ही नही इससे जमीनी स्तर पर उतराने के साथ शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। जो इस प्रकार है-
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शिक्षकों की बंपर भर्ती: राज्य में पहले से काम कर रहे 26,615 टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के अलावा, अगले तीन सालों के भीतर 45,000 नए टीचर की भर्ती की जाएगी।
आदर्श प्राथमिक स्कूल: सरकार ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को पहले ही लागू किया जा चुका है। अब हर पंचायत में 'गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक स्कूल' खोलने की योजना बना जा रही है। उन्होंन बताया कि इसके पहले चरण के 2,200 स्कूलों में से 322 की आधारशिला रखी जा चुकी है।
