NEET UG OMR Sheet Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने छह NEET-UG अभ्यर्थियों की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी OMR शीट में जो उत्तर भरे थे, वे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा अपलोड की गई OMR शीट से मेल नहीं खाते हैं। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि छह छात्र दोबारा आयोजित NEET परीक्षा में शामिल हुए थे और उनकी शिकायत अन्य मामलों से अलग है।
वकील ने अदालत से कहा, "हमारी मांग केवल इतनी है कि हमें मूल OMR शीट की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि हम अपने अंकों का सत्यापन कर सकें। काउंसलिंग प्रक्रिया पहले से जारी है और हम सीमित मुद्दे को लेकर अदालत आए हैं।" इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET और NTA से जुड़ी इसी तरह की कई शिकायतें पहले से लंबित हैं और अदालत फिलहाल NTA के संस्थागत सुधारों से जुड़े मुद्दों पर विचार कर रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट जाने को कहा और याचिका खारिज कर दी।
बता दें कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में ओएमआर (OMR) शीट की स्कैन की गई प्रतियों और छात्रों के वास्तविक जवाबों के बीच असंगति का गंभीर विवाद सामने आए थे। इस मामले में छह अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले त्वरित सुनवाई और सत्यापन की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उनके वास्तविक मूल्यांकन पर अंक अधिक होने चाहिए थे, लेकिन ओएमआर गड़बड़ी के कारण स्कोर बेहद कम दिख रहे हैं। उनका दावा था कि एनटीए की ओर से अपलोड की गई ओएमआर शीट में दर्ज उत्तर, परीक्षा के दौरान उनके द्वारा चिह्नित उत्तरों से अलग हैं। इन छात्रों का कहना है कि कई प्रश्नों में उनके द्वारा भरे गए उत्तर बदल गए हैं या गलत तरीके से दर्ज दिखाई दे रहे हैं।
