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NEET UG 2023: महज 16 साल की उम्र में पिता की मौत, चटनी रोटी खाकर बिताई रात..भावुक कर देगी आपको प्रेरणा की कहानी

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Jun 15, 2023, 08:36 PM IST

NEET UG 2023, Success Story: कड़ी मेहनत व संघर्ष से व्यक्ति बड़े से बड़े मुकाम को हासिल कर सकता है। ये पंक्ति कोटा की रहने वाली प्रेरणा सिंह पर सटीक बैठती हैं। प्रेरणा ने महज 20 साल की उम्र में नीट यूजी की परीक्षा क्वालीफाई कर अपने माता पिता का नाम रोशन कर दिया है। हालांकि प्रेरणा के लिए ये सफर आसान नहीं रहा। इस दौरान उन्हें कई उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा।

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NEET UG 2023, Success Story: भावुक कर देगी आपको नीट यूजी में 1033वीं रैंक लाने वाली प्रेरणा की कहानी

NEET UG 2023, Success Story: कुछ कर गुजरने की इच्छा व कड़ी मेहनत से व्यक्ति बड़े से बड़े मुकाम को हासिल कर सकता है, परिस्थितियां उसके लक्ष्य में कभी बाधा नहीं उत्पन्न कर सकती..ये पंक्ति कोटा की रहने वाली प्रेरणा सिंह पर सटीक बैठती है। प्रेरणा ने गरीबी और अभावों के बावजूद अपनी अदम्य इच्छाशक्ति व संघर्ष के दम पर नीट यूजी की परीक्षा क्वालीफाई कर अपने माता पिता के साथ जिले का परचम बुलंद कर दिया है। महज 20 साल की उम्र में प्रेरणा की जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

प्रेरणा ने काफी कम उम्र में कैंसर जैसी भयावह बीमारी के चलते अपने पिता को खो दिया था। पिता की मौत के बाद परिवार कर्ज के बोझ के तले दबता चला गया। मकान पर लोन होने के कारण बैंक ने घर के बाहर नोटिस लगा (NEET Success Story) दिया था। गरीबी का आलम इस कदर था कि, परिवार को चटनी रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था।

एक इंटरव्यू के दौरान प्रेरणा अपने संघर्षों की कहानी बताते हुए काफी भावुक हो उठी। उन्होंने बताया कि, 27 लाख के लोन को चुकाने की जिम्मेदारी मां को निभाता देख उन्होंने सिर्फ एक ही प्रण लिया कि जिंदगी नें कुछ करके (NEET Success Stories In Hindi) दिखाना है। मुश्किल हालात में भी प्रेरणा ने हिम्मत नहीं हारी। भूखे पेट रहकर अपने मुकाम को हासिल कर पिता के सपने को साकार किया। प्रेरणा का ये सफर उन लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है, जो हालातों के आगे हिम्मत हार जाते हैं।

NEET Success Stories: पिता की मौत के बाद मां ने संभाला घर

प्रेरणा ने बताया कि पिता की मौत के बाद मां ने घर संभाला। मां घर घर जाकर काम किया करती थी। परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। परिवार के लिए तीनों टाइम की रोटी जुटा पाना भी मुश्किल हो जाता है। प्रेरणा की माता माया बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि, हम थोड़े बहुत राशने से काम चला लेते थे। इस सफलता के बाद परिवार के चेहरे पर मुस्कान है।

Prerna Success Story: पिता के फोटो को लगाया गले

प्रेरणा को अपने पिता से बेहद लगाव था। प्रेरणा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उनके पिता हमेशा कहा करते थे कि, मेरी बेटी एक दिन मेरा नाम रोशन करेगी। प्रेरणा कहती हैं कि, पिता का यह वाक्य हमेशा के लिए उनके दिल और दिमाग में बैठ गया। उन्होंने बताया कि, जब वह पढ़ने बैठती थी, तो उनकी ये बात याद आती थी और इसे सोचकर वह भावुक हो उठती थी। रिजल्ट आने के बाद भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जैसे ही पता चला कि, उन्होंने नीट यूजी की परीक्षा पास कर ली है। प्रेरणा ने पिता की तस्वीक को गले लगा लिया।

NEET Success Story: साइकिल चलाकर जाया करती थी कोचिंग

प्रेरणा ने बताया कि, उन्होंने आज तक कोचिंग जाने के लिए कभी ऑटो या रिक्शा का उपयोग नहीं किया। वह पैदल या फिर साइकिल चलाकर कोचिंग जाया करती थी। साथ ही कोचिंग के बाद 10 से 12 घंटे पढ़ती थी। बता दें प्रेरणा का परिवार एक कमरे के छोटे से घर में रहता है। कमरे में ईंटो पर प्लास्टर तक नहीं है। कमरे के अंदर ही रसोई है।

चटनी रोटी खाकर बिताया दिन

प्रेरणा ने बताया कि, आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने कई कई हफ्ते चटनी रोटी खाकर बिताए हैं। वहीं कई बार ऐसा भी होता था, जब पेट भरने के लिए घर में राशन नहीं होता था। लेकिन मां ने कभी हमें भूखे नहीं रहने दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को दिया।

1033 रैंक किया हासिल

बता दें प्रेरणा ने नीट यूजी की परीक्ष में कुल 686 अंक प्राप्त किए हैं। साथ ही 1033वीं रैंक हासिल की है। अपनी इस मेहनत के दम पर प्रेरणा देश के टॉप मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले सकेंगी और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकेंगी।
आदित्य सिंह
आदित्य सिंह author

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्र... और देखें

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