NEET UG RE Exam: नीट यूजी री-एग्जाम के सफल, पारदर्शी और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओखला स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान NTA अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को परीक्षा के निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन के लिए किए गए लॉजिस्टिक एवं तकनीकी इंतजामों की विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा बैठक में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र, तकनीकी प्रबंधन और अभ्यर्थियों की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया गया है और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
एनटीओ को शिक्षा मंत्री का निर्देश
शिक्षा मंत्री ने परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी केंद्रों पर निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की लगातार निगरानी रखने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने पर बल दिया।
NEET UG Re Exam 2026: सभी उम्मीदवारों के लिए व्यापक इंतजाम
एनटीए ने हाल ही में ट्वीट कर बताया कि, सभी उम्मीदवारों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिनमें दिव्यांग श्रेणी के 10,000 से ज़्यादा उम्मीदवार भी शामिल थे। मेडिकल समस्याओं वाले लगभग 81 उम्मीदवारों के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए थे। इनमें एक बच्चा सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था और दूसरा कीमोथेरेपी से गुजर रहा था, लेकिन दोनों ही उस परीक्षा को देने के लिए दृढ़ थे, जिसकी तैयारी उन्होंने सालों से की थी। उन सभी तक पहुंचने के लिए ऐसी योजना बनाई गई थी, जिसके बारे में उम्मीदवारों को कभी पता नहीं चलता।
सरकार की सामूहिक कोशिश
सभी सेंटर्स पर आधार-आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, CCTV मॉनिटरिंग, जैमर और राज्य पुलिस की मदद से दो-लेयर वाली तलाशी की व्यवस्था की गई थी। CCTV मॉनिटरिंग के लिए कमांड और कंट्रोल सेंटर राष्ट्रीय स्तर पर NTA और शिक्षा मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों में हर राज्य में और जिला कलेक्ट्रेट में बनाए गए थे।
