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NTA में बड़ा बदलाव, अब परीक्षा के हिसाब से नहीं होंगे अलग यूनिट्स, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल

NTA में परीक्षा सुधारों को लेकरबदलाव किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल ताजा हलफनामे में NTA के पुनर्गठन और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है।

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NTA

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में परीक्षा सुधारों को लेकर बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल ताजा हलफनामे में NTA के पुनर्गठन और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। हलफनामा 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद दाखिल किया गया है। हलफनामे के मुताबिक NTA अब एग्जाम-स्पेसिफिक यूनिट्स से फंक्शनल वर्टिकल स्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य एजेंसी के प्रमुख कामकाजी क्षेत्रों में विशेषज्ञता और डोमेन-स्पेसिफिक क्षमता विकसित करना है। पहले NTA में मानव संसाधन को अलग-अलग परीक्षा से जुड़ी यूनिट्स में तैनात किया जाता था।

NTA की कमान में भी बदलाव

सरकार ने बताया कि NTA के शीर्ष नेतृत्व को भी मजबूत किया गया है। एजेंसी में भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी को डायरेक्टर जनरल बनाया गया है। इसके अलावा IAS, IPS और IRS सहित विभिन्न सेवाओं के अधिकारी NTA के नेतृत्व में शामिल किए गए हैं।

एनटीए के वरिष्ठ नेतृत्व में अब इंडियन रेवेन्यू सर्विस, भारतीय आयुध निर्माणी सेवा और भारतीय आपूर्ति सेवा के अधिकारी भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक इससे एजेंसी में अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषज्ञता लाई जा रही है।

सुरक्षा, HR और रिसर्च में बाहर से भी विशेषज्ञों की भर्ती

हलफनामे में बताया गया है कि NTA ओपन मार्केट से डोमेन स्पेशलिस्ट भी भर्ती कर रहा है। इनमें सिक्योरिटी, ह्यूमन रिसोर्स, असेसमेंट R&D, टेस्ट सेंटर, कैंडिडेट एक्सपीरियंस, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, टेस्ट सिक्योरिटी और विजिलेंस जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है।

गोपनीय परीक्षा संचालन के लिए नया सरकारी परिसर

परीक्षाओं से जुड़े गोपनीय संचालन (Confidential Operations) को अब दिल्ली के मिंटो रोड स्थित सरकारी परिसर में शिफ्ट किया गया है। हलफनामे के अनुसार NTA को यहां कुल 55,524.53 वर्ग फुट ऑफिस स्पेस आवंटित किया गया है।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से NTA के फंक्शनल वर्टिकल और शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षित सरकारी परिसर में काम करने की सुविधा मिलेगी और गोपनीय ऑपरेशंस में जरूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

39 CISF जवानों का रहेगा सुरक्षा घेरा

मिंटो रोड स्थित इस परिसर में सुरक्षा के लिए 39 सीआईएसएफ के जवान तैनात किए गए हैं। यहां एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग, मेटल डिटेक्टर और कड़ी प्रवेश नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। CISF को प्रवेश और निकास की निगरानी तथा गोपनीय क्षेत्र में पहुंच को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा कदम

NTA ने चीफ इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) का पद भी तय किया है। इसके लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। दस्तावेज के मुताबिक चयन प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

NTA के मुताबिक परीक्षा से जुड़े अहम ऑपरेशनल क्षेत्रों में एसओपी भी लागू किए जा रहे हैं। इनमें प्रश्नपत्र तैयार करने, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकिंग, ट्रैकिंग, मूवमेंट, परीक्षा केंद्र की सुरक्षा और OMR/रिजल्ट से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने NTA को हलफनामा वेबसाइट पर डालने को कहा

18 सितंबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से दाखिल हलफनामे में बताए गए कदमों को रिकॉर्ड पर लिया। कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया कि हलफनामे को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे, ताकि दूसरे स्टेकहोल्डर्स भी अब तक हुई प्रगति देख सकें। साथ ही DoPT के ज्वाइंट सेक्रेटरी को हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की प्रगति पर अलग हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को होगी।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस हलफनामे में NTA ने परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, विशेषज्ञ-आधारित और संस्थागत बनाने के लिए किए जा रहे पुनर्गठन का खाका पेश किया है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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