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पिता किसान और बेटी छूएगी आसमान, एयरफोर्स एकेडमी में टॉप कर रच इतिहास

Mehakpreet Kaur Inspirational Story: कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो... यह पंक्तियां पंजाब के रूपनगर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली महकप्रीत कौर पर सटीक बैठती हैं। किसान परिवार की बेटी ने एयरफोर्स एकेडमी में टॉप कर इतिहास रच दिया है।

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महकप्रीत कौर

Mehakpreet Kaur Inspirational Story: कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो... यह पंक्तियां पंजाब के रूपनगर जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली महकप्रीत कौर पर सटीक बैठती हैं। किसान परिवार की बेटी ने एयरफोर्स एकेडमी में टॉप कर इतिहास रच दिया है। महकप्रीत कौर ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गया है। पंजाब के पपराली गांव की रहने वाली मेहकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी (Air Force Academy) की मेरिट सूची में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर इतिहास रच दिया है।

महकप्रीत ने मोहाली स्थित Mai Bhago Armed Forces Preparatory Institute में प्रशिक्षण प्राप्त किया। पंजाब सरकार द्वारा स्थापित यह संस्थान युवतियों को भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने के लिए तैयार करता है। संस्थान की एक अन्य कैडेट कोमलप्रीत कौर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश के लिए ऑल इंडिया रैंक-18 हासिल की है।

पिता किसान

महकप्रीत कौर किसान अमरजीत सिंह और गृहिणी रुपिंदर कौर की बेटी हैं। साधारण परिवार से आने वाली मेहकप्रीत ने यह उपलब्धि हासिल कर साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। संस्थान के निदेशक Jasbir Singh Sandhu ने मेहकप्रीत की उपलब्धि को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि रक्षा सेवाओं में महिलाओं के लिए सीमित सीटों के बीच एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करना बेहद बड़ी उपलब्धि है।

महकप्रीत कौर

महकप्रीत कौर

पंजाब के कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने न केवल देश की सबसे कठिन रक्षा परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है, बल्कि छोटे शहरों और गांवों की बेटियों के लिए नई राह भी खोली है।

क्यों बोलीं महकप्रीत

उन्होंने बताया, ‘जब मुझे पता चला कि मेरी ऑल इंडिया रैंक 1 आई है, तो मुझे एक पल के लिए यकीन ही नहीं हुआ। यह मेरे लिए बहुत ही अवास्तविक सा एहसास था। महकप्रीत कौर की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह उन लाखों बेटियों के लिए भी प्रेरणा है जो देश सेवा का सपना देखती हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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