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IAS Anna Rajam: मिलिए देश की पहली महिला IAS अन्ना राजम मल्होत्रा से, अपॉइंटमेंट लेटर के साथ ही मिला था सस्पेंशन लेटर

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 24, 2023, 01:24 PM IST

Meet India's first IAS Anna Rajam: अन्ना राजम देश की पहली महिला IAS अधिकारी थीं जिन्होंने देश के दो प्रधानमंत्रियों-राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के साथ काम किया। इतना ही नहीं, 27 साल की उम्र में UPSC की परीक्षा क्रैक करने वाली अन्ना राजम ने 7 मुख्यमंत्रियों के साथ भी काम किया।

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IAS Anna Rajam: मिलिए देश की पहली महिला IAS अन्ना राजम मल्होत्रा से, अपॉइंटमेंट लेटर के साथ ही मिला था सस्पेंशन लेटर

Meet India's first IAS Anna Rajam: पहली बार सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) पास करने वाले पहले भारतीय गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के भाई सत्येंद्र नाथ टैगोर थे। वहीं जब महिलाओं की बात आती है तो पहली महिला आईएएस के रूप में नाम लिया जाता है अन्ना राजम मल्होत्रा का। भारत की पहली महिला आईएएस अन्ना राजम मल्होत्रा को ज्वाइनिंग लेटर और निलंबन का लेटर साथ ही मिला था। अन्ना राजम देश की पहली महिला IAS अधिकारी थीं जिन्होंने देश के दो प्रधानमंत्रियों-राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के साथ काम किया। इतना ही नहीं, 27 साल की उम्र में UPSC की परीक्षा क्रैक करने वाली अन्ना राजम ने 7 मुख्यमंत्रियों के साथ भी काम किया। आइये जानते हैं उनकी दिलचस्प कहानी।

IAS Anna Rajam Biography

अन्ना राजम ने 1951 में भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास की और पहली महिला IAS ऑफिसर बनीं। 17 जुलाई 1924 को केरल के एर्नाकुलम जिले के एक छोटे से गांव में पैदा हुईं अन्ना राजम मल्होत्रा ने अपनी स्कूल की पढ़ाई कोझिकोड से की और इसके बाद उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई मद्रास यूनिवर्सिटी से पूरी की। इनका निधन 91 साल की उम्र में 2018 में हुआ था। अन्ना राजम मल्होत्रा रिटायरमेंट के बाद भी कई बड़े पदों पर तैनात रही थीं। अन्ना राजम मल्होत्रा मलयाली लेखक पालियो पॉल की पोती थी।

मिली सिविल सेवा में ना आने की सलाह

1951 में जब अन्ना राजम की ज्वाइनिंग हुई तो उनको ज्वाइनिंग लेटर देते हुए कहा गया कि शादी हो जाने पर आपको निलंबित किया जा सकता है। एक तरह से उन्हें ज्वाइनिंग के साथ ही निलंबन का पत्र भी दे दिया गया था। कुछ साल बाद जब नियम बदले तो उन्होंने अपने बैचमेट आरएन मल्होत्रा से विवाह कर लिया। IAS अन्ना राजम मल्होत्रा जब आईएएस का इंटरव्यू देने के लिए गई तो उनको बोड मेंबर ने सिविल सर्विस में ना आने के लिए कहा था। उन्हें कहा गया कि वह अपने लिए कोई ऐसी जगह चुनें जो महिलाओं के लिए उपयुक्त हो। हालांकि अन्ना ने उनकी बात नहीं सुनी और आईएएस का इंटरव्यू दिया।

पहली बार में 1951 में UPSC एग्जाम पास किया और 27 साल की उम्र में पहली महिला आईएएस ऑफसिर बनीं। परीक्षा पास करने के बाद अन्ना राजम को मद्रास कैडर मिला था। 1989 में IAS अन्ना राजम मल्होत्रा को उनके काम के लिए पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघव author

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें

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