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भगवान शंकर से छात्रों को सीखनी चाहिए ये 10 बातें, आसमान छुएगा करियर

Bhagwan Shiv life lessons for students : भगवान शंकर का व्यक्तित्व छात्रों को बहुत कुछ सिखाता है। चलिये बात करते हैं भगवान शिव की उन 10 बातों की, जिन्हें अगर कोई छात्र अपनी जिंदगी में अपना ले तो उसे तरक्की पाने से कोई भी नहीं रोक सकता है। भोलेनाथ का जीवन हमें ये सिखाता है कि सच्ची सफलता सिर्फ नंबर से नहीं बल्कि चरित्र, धैर्य और संतुलन से मिलती है। mahashivratri motivational quotes for students, Shiva lessons in hindi

Mahashivratri teachings for students

Mahashivratri teachings for students

Mahashivratri motivational quotes: भगवान शंकर सिर्फ संहार के देव नहीं हैं बल्कि संयम, ज्ञान और गहराई के प्रतीक भी हैं। भगवान शिव का व्यक्तित्व हमें बहुत कुछ सिखाता है। खासकर छात्र जीवन की बात करें तो शिव का जीवन ही एक प्रेरणा है। उनका व्यक्तित्व सिखाता है कि जिंदगी में शक्ति और शांति दोनों ही साथ-साथ चल सकते हैं। वे सिखाते हैं कि अगर तांडव है तो ध्यान भी है।अगर विष है तो उसे धारण करने की क्षमता भी होनी चाहिए। यानी कि बुरी परिस्थितियां हैं तो उन्हें झेल सकने की हिम्मत भी होनी चाहिए। छात्रों के लिए उनके जीवन से कई ऐसी बातें निकलकर सामने आती हैं, जो पढ़ाई ही नहीं बल्कि पूरे व्यक्तित्व के निर्माण में मदद करती हैं। आज महाशिवरात्रि के अवसर पर हम बात करेंगे उन 10 पॉइंट्स की, जिन्हें अपनाकर छात्र अपने करियर को बुलंदियों पर पहुंचा सकते हैं।

  • एकाग्रता और ध्यान- आपने देखा होगा कि शिव के स्वरूप को अकसर एकाग्रता में लीन दिखाया गया है। ये फोकस के लिए बहुत जरूरी है। और फोकस ही सफलता की सीढ़ियां चढ़ने में मदद करता है। पढ़ाई की बात करें तो गहरी एकाग्रता ही अच्छे परिणाम देती है।
  • सादगी और सरलता- भोलेनाथ सादगी को प्रतीक माने जाते हैं। छात्रों को भी उनसे ये बात सीखनी चाहिए कि वे दिखावे से दूर रहें। साथ ही अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।
  • धैर्य- समुद्र मंथन का विष पीना हो या फिर कठिन से कठिन तपस्या करनी हो, शिव ने हमेशा धैर्य दिखाया है। ऐसे में धैर्य जिंदगी में आगे बढ़ने और किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने के लिए बेहद जरूरी है।
  • ज्ञान की महत्ता- शिव को यूं ही आदिगुरु नहीं माना जाता है। अपने ज्ञान और सीखने की प्रक्रिया को कभी भी बंद ना करें।
  • संतुलन- भगवान शिव का तांडव और ध्यान दोनों ही बताते हैं कि जिंदगी में संतुलन कितना जरूरी है। एक तरफ वे तांडव करते हैं तो दूसरी तरफ ध्यान में लीन रहते हैं। ऐसे में छात्रों को उनके इस गुण को जरूर अपनाना चाहिए।
  • विपरीत परिस्थितियों में मजबूत रहना- शिव का विष को गले में धारण करना हमें सिखाता है कि मुश्किल परिस्थियों को खुदपर कभी भी हावी ना होने दें।
  • आत्मविश्वास- शिव का व्यक्तित्व निर्भीक है। छात्रों को भी इसी तरह अपनी क्षमता पर हमेशा भरोसा करना चाहिए।
  • अनुशासन- तप और साधना के बिना अनुशासन संभव है ही नहीं। नियमित रूप से पढ़ाई ही सफलता का आधार है।
  • सकारात्मक सोच- अपने अंदर की नकारात्मक सोच को निकाल फेंके और इसे सकारात्मकता में बदलें। यही आगे बढ़ने का प्रमुख आधार है।
  • विनम्रता- शिव अपार शक्ति होने के बाद भी विनम्र हैं। ऐसे में उनका ये व्यक्तित्व दिखाता है कि सफलता मिलने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना कितना जरूरी है।
भगवान शिव का जीवन हमें ये सिखाता है कि सच्ची सफलता सिर्फ नंबर से नहीं बल्कि चरित्र, धैर्य और संतुलन से मिलती है। अगर छात्र भगवान शंकर के इन गुणों को अपने जीवन में उतार लें तो न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि जीवन में हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
कुसुम भट्ट
कुसुम भट्ट author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

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