Kota University 10th convocation: मंगलवार को कोटा विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं विद्या वाचस्पति अभ्यर्थियों को गोल्ड मेडल एवं उपाधियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने साक्षी जैन को कुलाधिपति पदक, पूजा साहू को कुलपति पदक, जबकि 60 छात्र-छात्राओं स्वर्ण पदक एवं 49 विद्यावाचस्पति उपाधियां प्रदान की। कोटा विश्वविद्यालय की ओर से कुल 88 हजार 692 उपाधियां प्रदान की गई हैं। इनमें 43 हजार 677 छात्र (49 प्रतिशत) एवं 45 हजार 15 छात्राएं (51 प्रतिशत) शामिल हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में कन्या छात्रावास, धनवन्तरी भवन एवं बॉस्केबॉल, वॉलीबॉल, टेनिस कोर्ट का लोकार्पण भी किया।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा है कि विश्वविद्यालय वैश्विक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का निर्माण करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों को कौशल विकास से संबंधित शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए ‘विकसित भारत 2047’ की संकल्पना को साकार करने का आह्वान किया। राज्यपाल मंगलवार को कोटा विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं विद्या वाचस्पति अभ्यर्थियों को गोल्ड मेडल एवं उपाधियां प्रदान करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने 51 फीसदी छात्राओं के उपाधि हासिल करने एवं शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने पर खुशी जताते हुए कहा कि बेटियों को अवसर प्रदान किए जाएं तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। छात्राएं अपनी प्रतिभा का समुचित सदुपयोग कर निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने आव्हान किया कि छात्र-छात्राएं सामूहिक सहयोग से विकसित भारत का संकल्प पूरा करें।
नई शिक्षा नीति की बात
राज्यपाल ने कहा कि नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल विकास आधारित शिक्षा पर केन्द्रित है। यह रोजगारोन्मुखी होने के साथ चरित्र-निर्माण, ज्ञान-विज्ञान व आध्यात्मिक विकास के साथ देश और समाज की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ी है।
