Kargil Vijay Diwas Speech, Bhashan In Hindi 2026: दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वफा आएगी......वक्त के साथ जिंदगी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन हवा में लहराता तिरंगा आज भी कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के वीरगाथाओं को समेटे हुए है, जो भारत के जांबाजों ने अपने लहू से (Kargil Vijay Diwas Speech) लिखा था। भारतीय इतिहास में 26 जुलाई का दिन बड़े गर्व के साथ मनाया (Kargil Vijay Diwas Speech In Hindi) जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अद्भुत साहस, वीरता और देशभक्ति को नमन करने का अवसर है। यह जीत केवल एक सैन्य सफलता नहीं थी, बल्कि पूरे देश के आत्मविश्वास, एकता और राष्ट्रभक्ति की मिसाल भी बनी।
बता दें कारगिल युद्ध की शुरुआत मई 1999 में हुई, जब पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों और सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल, द्रास, बटालिक और आसपास के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अवैध रूप से कब्जा कर लिया। भारतीय सेना ने इस चुनौती का डटकर सामना किया और 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया। भारत- पाकिस्तान का यह युद्ध ऐतिहासिक माना जाता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इस युद्ध को सबसे भयानक माना जाता है। इस युद्ध में भारत के करीब 500 जवान शहीद हुए थे और 13000 से ज्यादा जवान घायल हुए थे, लेकिन इसके बावजूद सैनिकों ने भारत माता के मस्तक को नहीं झुकने दिया और पाकिस्तानी सैनिकों को रौंदते हुए कारगिल की चोटी पर तिरंगा फहरा दिया था। इस दिन को याद कर आज भी हर भारतीय का सीना गर्व से फूल जाता है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
इस दिन स्कूल कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक स्थलों व सरकारी कार्यालयों पर कारगिल विजय दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए कारगिल विजय दिवस पर शानदार भाषण लेकर आए हैं। इस तरह आप अपने स्पीच की शुरुआत कर लोगों को मुरीद कर सकते हैं।
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Kargil Vijay Diwas Speech In Hindi: कुछ इस तरह करें कारगिल विजय दिवस पर भाषण की शुरुआत
यदि आप भी कारगिल विजय दिवस पर भाषण देने जा रहे हैं तो अपने भाषण की शुरुआत देशभक्ति शायरी या स्लोगन से करिए। जिससे आपके मंच पर पहुंचते ही तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठे। यहां आप कारगिल विजय दिवस पर शानदार भाषण, स्पीच देख पढ़ सकते हैं।
दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी
- तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा कर
सरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
Kargil Vijay Diwas Par Bhashan: कारगिल विजय दिवस पर सबसे सरल व शानदार भाषण
इस बार भारत देश 27वां कारगिल दिवस मनाने जा रहा है। यह दिन प्रत्येक भारतीय के लिए एक गर्व का दिन है। यही वह दिन है जब भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे और घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था। कारगिल का युद्ध दुनिया के सबसे कठिन पर्वतीय युद्धों में गिना जाता है। भारतीय सैनिकों को लगभग 16,000 से 18,000 फीट की ऊंचाई, बेहद ठंड, ऑक्सीजन की कमी और दुश्मन की ऊंची स्थिति जैसी कठिन परिस्थितियों में लड़ाई लड़नी पड़ी। इसके बावजूद भारतीय जवानों ने असाधारण साहस और रणनीति का परिचय दिया। कई सैनिकों ने दुश्मन की गोलाबारी के बीच आगे बढ़कर चोटियों पर कब्जा किया और अपने प्राणों की आहुति देकर देश का गौरव बढ़ाया।
Kargil Vijay Diwas Speech, Bhashan
करीब दो महीने तक चलने वाले इस युद्ध के बाद 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने सभी प्रमुख चोटियों पर भारत माता का परचम लहराया। इसी ऐतिहासिक जीत की याद में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहां सेना के अधिकारी, शहीदों के परिजन और हजारों नागरिक वीर जवानों को नमन करते हैं।
