एजुकेशन

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster: जब तक जिंदा हूं इस मातृभूमि...कारगिल विजय दिवस पर शानदार ड्रॉइंग और पोस्टर

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster: 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए कारगिल विजय दिवस पर शानदार ड्रॉइंग, पोस्टर लेकर आए हैं। यहां आप कारगिल विजय दिवस पर ड्रॉइंग, पोस्टर, भाषण, निबंध पढ़ सकते हैं।

Image

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster: कारगिल विजय दिवस पर शानदार ड्रॉइंग और पोस्टर

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster: कारगिल विजय दिवस सत्य, संयम और सामर्थ्य का विजय (Kargil Vijay Diwas Drawing) दिवस है। यह दिन हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे अहम दिनों में से एक है। 26 जुलाई 1999 कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना की वीरता, बहादुरी, शौर्य और पराक्रम का (Kargil Vijay Diwas Poster) प्रतीक है। यही वह दिन है जब भारत के जांबाज सैनिकों ने अपने शौर्य और पराक्रम से पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर (Kargil Vijay Diwas Drawing For Kids) दिया था। यह एक ऐसा यद्ध था जिसने पाकिस्तानी सेना के षडयंत्र का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत के पराक्रम का परचम बुलंद (Kargil Vijay Diwas Drawing Ideas) किया था। छल, कपट और विश्वाघात के बुनियाद पर शुरू हुआ यह युद्ध वीरता, विश्वास और भारत की विजय के साथ खत्म हुआ। यह दिन प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का दिन है।

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster

इस युद्ध में 2 लाख भारतीय सैनिकों ने हिस्सा लिया था और 527 जवान शहीद हुए थे। शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्कूल कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस दिन के महत्व व इतिहास के लिए भाषण व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए कारगिल विजय दिवस पर पोस्टर व ड्राइंग लेकर आए हैं।

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster

या तो मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा, या फिर तिरंगे में लिपटकर वापस आऊंगा। लेकिन मैं निश्चित रूप से वापस आऊंगा।

Kargil Vijay Diwas Drawing

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा।

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster

Kargil Vijay Diwas Drawing, Poster

Kargil Vijay Diwas Drawing For Kids

जब खून खौल फौलाद हुआ, मरते दम तक डटे रहे वो, तब ही तो देश आजाद हुआ।

"मुझे अफसोस है कि मेरे पास अपने देश के लिए देने के लिए केवल एक ही जीवन है" - प्रेम रामचंदानी।

Kargil Vijay Diwas Drawing

Kargil Vijay Diwas Drawing

Kargil Vijay Diwas Poster

"मैं एक सैनिक हूं। जहां मुझे बताया जाता है वहां मैं लड़ता हूं और जहां मैं लड़ता हूं वहां जीतता हूं।"

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

और पढ़ें
End of Article