JPSC Exam: झारखंड सरकार ने राज्य में होने वाली झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए नई परीक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में गड़बड़ियों पर रोक लगाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं को खत्म करना और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सही मौका देना है। सरकार के मुताबिक, नई परीक्षा प्रणाली पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही इसे लागू किया जा सकता है। इस बदलाव के बाद भर्ती परीक्षाओं का तरीका पहले से काफी अलग हो सकता है।
नई योजना के तहत यदि किसी भर्ती परीक्षा में 50 हजार से अधिक उम्मीदवार आवेदन करते हैं, तो परीक्षा एक ही चरण में कराने के बजाय कई चरणों में आयोजित की जा सकती है। इसमें प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) और मुख्य परीक्षा (मेंस) जैसी व्यवस्था अपनाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: How Rainfall is Measured: बारिश कितनी मिलीमीटर (mm) या सेंटीमीटर (cm) हुई है, इसे मापने का क्या है तरीका
तीन अलग-अलग प्रश्न पत्रों की तैयारी
सरकार परीक्षा में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए नया तरीका अपनाने की योजना बना रही है। इसके तहत एक ही परीक्षा के लिए तीन अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए जा सकते हैं। इन प्रश्न पत्रों को अलग-अलग रंगों में रखा जाएगा और परीक्षा केंद्रों पर इन्हें रैंडम तरीके से बांटा जाएगा। ऐसा करने से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सभी अभ्यर्थियों को एक जैसा प्रश्न पत्र न मिलने पाए। इसके अलावा किसी तरह की नकल या गलत तरीके से मदद लेने की संभावना कम हो जाए।
परीक्षा वाले दिन सुबह तय होगा प्रश्न पत्र
नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि परीक्षा में कौन-सा प्रश्न पत्र इस्तेमाल होगा, इसका फैसला परीक्षा वाले दिन सुबह करीब 5 बजे किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रश्न पत्र पहले से लीक होने की आशंका काफी हद तक खत्म हो जाएगी और परीक्षा माफियाओं पर रोक लगेगी।
CBT मोड में भी हो सकती हैं परीक्षाएं
झारखंड सरकार भविष्य में कुछ भर्ती परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में कराने की भी तैयारी कर रही है। इसके लिए निर्धारित कंप्यूटर केंद्रों का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने जानकारी दी है कि गड़बड़ी की आशंका के चलते दो परीक्षा केंद्रों को पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन परीक्षाओं में उम्मीदवारों की संख्या बहुत अधिक होगी, उनमें CBT मोड अपनाना संभव नहीं हो सकता।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: भारत में है कहां छिपा है दिल के आकार का आइलैंड, कम लोगों को है पता
