Jammu And Kashmir University: जम्मू कश्मीर यूनिवर्सिटी ने ईंधन की बचत और बढ़ती परिचालन लागत को कम करने के उद्देश्य से कई अहम कदम उठाने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने डिजिटल माध्यम को बढ़ावा देते हुए पीएचडी शोधार्थियों की आगामी परीक्षाओं को ऑनलाइन आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही शिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में ऑनलाइन माध्यम से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था अपनाने से यात्रा की जरूरत कम होगी, जिससे पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी आएगी। इसके अलावा समय और आर्थिक संसाधनों की भी बचत होगी। विश्वविद्यालय ने शिक्षकों के बीच कारपूलिंग को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया है ताकि एक ही वाहन में कई लोग यात्रा कर सकें और ईंधन की बचत हो सके।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाया जाएगा मजबूत
कुलपति ने कहा कि इस पहल से जो धनराशि बचेगी, उसका उपयोग विश्वविद्यालय के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में किया जाएगा। आने वाले समय में विश्वविद्यालय ऑनलाइन शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल सुविधाओं को और आधुनिक बनाने की दिशा में काम करेगा।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद लिया फैसला
विश्वविद्यालय के छात्रों ने दूसरे संस्थानों से भी इसी तरह के उपायों का पालन करने का आग्रह किया है। जम्मू विश्वविद्यालय ने ये कदम प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील के बाद उठाया गया है जिसमें प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं के मद्देनजर पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने का आह्वान किया था।
विश्वविद्यालय के छात्रों ने दूसरे संस्थानों से भी इसी तरह के उपायों का पालन करने का आग्रह किया है। शिक्षा जगत में विश्वविद्यालय की इस पहल को एक सकारात्मक और भविष्य के अनुकूल कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल खर्च कम होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी नई गति मिलेगी।
