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महिला दिवस का इतिहास (International Women's Day History)
महिला दिवस 08 मार्च 1975 से प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। हालांकि इतिहासकारों के मुताबिक महिला दिवस मनाने की शुरुआत 28 फरवरी 1908 में महिला मजदूर आंदोलन से हुई थी। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की करीब 15 हजार से अधिक महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया था और पुरुषों के बराबर अधिकार की मांग की थी। इतिहासकारों के मुताबिक रूसी महिलाओं ने 28 फरवरी 1908 को पहले विश्व युद्ध का विरोध करते हुए महिला दिवस मनाया था। इसमें काम करने के समय को कम करवाने तथा अच्छी तनख्वाह व समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार के मुद्दे थे।
कब से मनाया जा रहा है महिला दिवस (First International Women's Day)
महिलाओं के इस आंदोलन ने सरकार को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था। तथा सरकार ने उनकी मांगे पूरी करते हुए प्रत्येक वर्ष महिला दिवस मनाने की घोषणा की थी। हर साल महिला दिवस किसी ना किसी थीम पर आधारित होता है। महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने का विचार एक महिला क्लारा ज़ेटकिन का था। क्लारा ज़ेटकिन ने वर्ष 1910 में विश्व स्तर पर महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव किया था। साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटज़रलैंड में पहली बार महिला दिवस मनाया गया। इसके बाद 1975 को संयुक्त राष्ट्र ने महिला दिवस को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी।

Womens day 2024
महिला दिवस 202 की थीम (Women's Day Theme 2024)
हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम निर्धारित की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 को Inspire Inclusion (एक ऐसी दुनिया,जहां हर किसी को बराबर का हक और सम्मान मिले) की थीम के साथ मनाया जा रहा है। 2023 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम 'एम्ब्रेस इक्विटी' पर रखी गई थी। 2022 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 की थीम ‘जेंडर इक्वैलिटी फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो’ यानी एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता रही थी।
