Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा, तकनीक और युवा विकास से जुड़ी कई बड़ी और दूरदर्शी घोषणाएं की। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार बनाने के लिए देश की युवा शक्ति को मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य तकनीक के इस आधुनिक दौर में युवाओं को प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह से सक्षम बनाना है। इसके तहत उन्होंने 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में हुनरमंद बनाने के लिए और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने का संकल्प लिया है।
युवाओं के लिए 2 बड़ी और क्रांतिकारी पहल
लाल किले से देशवासियों और युवाओं को संबोधित करते हुए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की बात की। प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी फीस, दूसरे शहरों में रहने और आने-जाने में होने वाले भारी खर्च को देखते हुए सरकार अभ्यर्थियों के लिए एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार कर रही है। इसका सीधा लाभ उन मेधावी छात्रों को मिलेगा जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग नहीं ले पाते थे और अपने सपने से दूर हो जाते हैं। आर्थिक कारणों से कोई भी होनहार छात्र पीछे न रहे, इसके लिए सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यार्थियों के लिए फ्री कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। अब उच्च स्तरीय शैक्षणिक सामग्री सीधे उनकी मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध होगी।
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एक करोड़ युवाओं की होगी AI स्किलिंग
टेक्नोलॉजी के तेजी से बदलते इस दौर में वर्कप्लेस की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1 करोड़ युवाओं को AI कोर्सेज में ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे भारतीय युवाओं के लिए देश-विदेश में टेक-जॉब्स के रास्ते खुलेंगे। कोई भी युवा स्किल्स की कमी के कारण पीछे नहीं रहेगा।
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भारत सरकार का 'सप्तधारा' विजन
प्रधानमंत्री ने देश को आगे बढ़ाने के लिए 'सप्तधारा' यानी शक्ति की सात धाराओं का खाका पेश किया, जिसमें इमर्जिंग टेक्नोलॉजी शामिल है।
मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और एग्री-एक्सपोर्ट - लागत, गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ भारतीय उत्पादों को ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य।
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी - एआई, रोबोटिक्स, क्वांटम, स्पेस, 5G/6G और डेटा सेंटर्स के जरिए भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने पर जोर।
ऊर्जा और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता: अगले 1-2 सालों में 7-8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होंगे और 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करने की दिशा में 5 नए रिएक्टर शुरू किए जाएंगे। इससे रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
सिविल डिफेंस और स्पोर्ट्स: आधुनिक संकटों से निपटने के लिए एक नया सिविल डिफेंस वालंटियर नेटवर्क बनाया जाएगा और 5 से 15 साल के बच्चों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स टैलेंट हंट शुरू किया जाएा।
