भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने क्वांटम कंप्यूटिंग में सर्टिफिकेट कोर्स का पहला बैच लॉन्च किया है। एल्गोरिदम और एआई/एमएल, जिसे क्वांटम युग के लिए प्रोफेशनल स्किल बढ़ाने में मदद करने के लिए तैयार किया गया है। क्वांटम युग में, छात्र क्वांटम इंटरनेट प्रोटोकॉल और सुरक्षित संचार से लेकर क्वांटम मशीन लर्निंग के बारे में सीखेंगे। वे Qiskit, PennyLane और IBM Quantum Systems का उपयोग करते हुए प्रैक्टिकल नॉलेज हासिल करेंगे।
6.5 महीने का ऑनलाइन कोर्स
यह 6.5 महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम है, जो TIMES PRO के सहयोग से सतत शिक्षा केंद्र (सीईसी), आईआईटी रुड़की द्वारा पेश किया गया है। यह कोर्स प्रतिभागियों को क्वांटम R & D, सुरक्षित प्रौद्योगिकियों और एआई नवाचार (Secure technologies and AI innovation) में भूमिका निभाने ओं के लिए तैयार करेगा। शिक्षार्थी उन्नत क्वांटम एल्गोरिदम को कोड और सिम्युलेट करेंगे और वास्तविक दुनिया के उपयोग के मामलों में क्यूएमएल लागू करेंगे।
भारत के सबसे प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT रुड़की ) से मान्यता प्राप्त और तैयार एक ही पाठ्यक्रम के भीतर क्वांटम कंप्यूटिंग, सुरक्षित संचार और एआई/एमएल शामिल है। इसकी मदद से छात्र वास्तविक दुनिया के क्यूएमएल अनुप्रयोगों का निर्माण करेंगे और वित्त, स्वास्थ्य सेवा, अनुकूलन, दवा की खोज जैसे प्रोजेक्ट तैयार करने में मदद करेंगे।
बता दें कि वैश्विक क्वांटम कंप्यूटिंग बाजार का अनुमान 2024 में 1.42 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और 20.5% चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (2025-2030) के साथ 2030 तक 4.24 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। बीसीजी ने पुष्टि की है कि क्वांटम कंप्यूटिंग सार्वजनिक क्षेत्र के समर्थन, कॉर्पोरेट निवेश और सुस्पष्ट रोडमैप के अनुरूप महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक मूल्य उत्पन्न करेगी। मैकिन्से की क्वांटम टेक्नोलॉजी मॉनिटर रिपोर्ट में कहा गया है कि कई महत्वपूर्ण मिशन उद्योग क्वांटम तकनीक पर निर्भर होंगे, जिनमें क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और क्वांटम सेंसिंग अहम रोल निभाएंगे।
घोषणा के अवसर पर बोलते हुए, आईआईटी रुड़की के सीईसी के समन्वयक प्रो. कौशिक घोष ने कहा कि आईआईटी रुड़की में हमने सिद्धांत और परिनियोजन को जोड़ने के लिए इस कार्यक्रम को डिज़ाइन किया है। प्रतिभागी क्वांटम एल्गोरिदम को कोड करना, सिम्युलेट करना, बेंचमार्क करना और एआई/एमएल विधियों का उपयोग करना सीखेंगे। क्विस्किट, पेनीलेन और वास्तविक हार्डवेयर एक्सेस को मिलाकर हम इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को सुरक्षा, अनुकूलन, वित्त और स्वास्थ्य सेवा डेटा के गहन अनुप्रयोगों के लिए तैयार करेंगे। जिससे शिक्षार्थी क्वांटम सॉफ्टवेयर डेवलपर, क्वांटम मशीन लर्निंग इंजीनियर, क्वांटम एल्गोरिथम शोधकर्ता, क्वांटम अनुप्रयोग वैज्ञानिक, क्वांटम डेटा वैज्ञानिक, सुरक्षा विश्लेषक/क्रिप्टोग्राफर, एआई उत्पाद डेवलपर और सिस्टम विश्लेषक जैसी भूमिकाओं का पता लगा सकते हैं।
कार्यक्रम के कुल पांच मॉड्यूल
यह कार्यक्रम पांच मॉड्यूल में बंटा है जिसमें क्वांटम कंप्यूटिंग और अनुप्रयोगों का परिचय, क्वांटम एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर, क्वांटम कम्युनिकेशन और नेटवर्क, क्वांटम मशीन लर्निंग और क्वांटम मशीन लर्निंग शामिल हैं। प्रतिभागी क्वांटम कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल (क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (Quantum Key Distribution - QKD), टेलीपोर्टेशन और क्वांटम क्रिप्टोग्राफी सहित) का ज्ञान लेंगे एवं शोर, ग्रोवर और साइमन के एल्गोरिदम का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। इतना ही नहीं, QSVM, QNN और क्वांटम GAN जैसे एडवांस्ड QML मॉडल लागू करेंगे।
TIMES PRO द्वारा सीधे डिवाइस पर उपलब्ध कराए जाने वाले इस कार्यक्रम में सिंक्रोनस और एसिंक्रोनस मोड में 300+ घंटे सीखने का समय मिलेगा, जिसमें केस स्टडी, असाइनमेंट, 30 घंटे का कैपस्टोन प्रोजेक्ट और एक वैकल्पिक कैंपस इमर्शन शामिल है। सफलतापूर्वक पूरा करने पर, प्रतिभागियों को आईआईटी रुड़की के सीईसी से एक प्रमाणपत्र प्राप्त होगा । विज्ञप्ति में कहा गया है कि कार्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 23 नवंबर है।
