एजुकेशन

एरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन बैचलर ऑफ साइंस करने के खुले दरवाजे

Online BS Programme in Aeronautics and Space Technology: IIT मद्रास ने क्लास 12 के स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन BS (बैचलर ऑफ साइंस) शुरू किया है, जिसमें फ्लेक्सिबल लर्निंग, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स और कई एग्जिट ऑप्शन मिलेंगे।

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एरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन बैचलर ऑफ साइंस

Online BS Programme in Aeronautics and Space Technology: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी में एक नया ऑनलाइन बैचलर ऑफ साइंस (BS) प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका मकसद एयरोस्पेस एजुकेशन तक पहुंच बढ़ाना है। यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स को एविएशन, स्पेस रिसर्च और उभरती एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में मजबूत टेक्निकल नॉलेज और इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स देने के लिए डिजाइन किया गया है।

कौन कर सकता है आवेदन

यह प्रोग्राम उन स्टूडेंट्स के लिए खुला है, जिन्होंने क्लास 12 या उसके बराबर की क्वालिफिकेशन पूरी कर ली है। डिप्लोमा होल्डर और वर्किंग प्रोफेशनल भी अप्लाई कर सकते हैं। कोर्स की एक खास बात यह है कि कैंडिडेट्स को JEE या GATE जैसे नेशनल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने की जरूरत नहीं है, जिससे एयरोस्पेस एजुकेशन ज्यादातर लर्नर्स के लिए ज्यादा आसान हो जाती है।

रविवार का होगी परीक्षा

स्टूडेंट्स के पास अपने शेड्यूल के हिसाब से प्रोग्राम पूरा करने की फ्लेक्सिबिलिटी है, जो इसे वर्किंग प्रोफेशनल्स, दूसरे डिग्री कोर्स में एनरोल लोगों और अंडरग्रेजुएट क्वालिफिकेशन हासिल करने वालों के लिए सही बनाता है। एग्जाम रविवार को होंगे और इसमें सेंटर-बेस्ड टेस्ट और ऑनलाइन प्रॉक्टर्ड असेसमेंट दोनों शामिल होंगे। लर्नर्स प्रोग्राम में तय स्ट्रक्चर्ड माइलस्टोन को फॉलो करते हुए अपनी स्पीड से आगे बढ़ सकते हैं।

यह प्रोग्राम ज्‍यादातर ऑनलाइन होगा, जिससे भारत और विदेश के स्टूडेंट्स एनरोल कर सकेंगे। हालांकि, लर्नर्स को IIT मद्रास कैंपस फैसिलिटीज़ में हैंड्स-ऑन लैबोरेटरी ट्रेनिंग में हिस्सा लेने के मौके भी मिलेंगे।

यह प्रोग्राम ज्यादातर ऑनलाइन होगा, जिससे भारत और विदेश के स्टूडेंट्स एनरोल कर सकेंगे। हालांकि, लर्नर्स को IIT मद्रास कैंपस फैसिलिटीज में हैंड्स-ऑन लैबोरेटरी ट्रेनिंग में हिस्सा लेने के मौके भी मिलेंगे।

किस सेक्टर पर रहेगा फोकस

IIT मद्रास के एक ऑफिशियल बयान के मुताबिक, BS प्रोग्राम एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट के पूरे डिजाइन और डेवलपमेंट पर फोकस करता है। इस कोर्स का मकसद स्टूडेंट्स को इंडस्ट्रियल रिसर्च और डेवलपमेंट रोल्स, और हायर एजुकेशन के लिए तैयार करना है, जिसमें कॉन्सेप्चुअल लर्निंग को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के साथ जोड़ा जाएगा।

इंस्टीट्यूट बेहतरीन डिप्लोमा स्टूडेंट्स को ऑन-कैंपस तैयारी के मौके भी दे सकता है। जो लोग अच्छा एकेडमिक परफॉर्मेंस देते हैं, वे GATE स्कोर के बिना MS प्रोग्राम के लिए एलिजिबल हो सकते हैं, बशर्ते वे जरूरी CGPA स्टैंडर्ड्स को पूरा करते हों।

फंडामेंटल थ्योरी सब्जेक्ट्स को एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी मेंबर्स द्वारा रिकॉर्डेड लेक्चर्स के जरिए पढ़ाया जाएगा। इन सेशन्स को बेहतर समझ और एंगेजमेंट को सपोर्ट करने के लिए लाइव इंटरैक्टिव ट्यूटोरियल्स और ऑनलाइन डिस्कशन प्लेटफॉर्म्स के साथ सप्लीमेंट किया जाएगा।

अच्छे रिजल्ट के बाद क्या

जो स्टूडेंट्स अच्छे एकेडमिक रिजल्ट लाते हैं, वे अपनी ओवरऑल परफॉर्मेंस के आधार पर IIT मद्रास में ऑन-कैंपस प्रोग्राम या हायर-लेवल डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए एलिजिबल हो सकते हैं।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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