भारत की सीमा कई पड़ोसी देश की सीमा से जुड़ती है। भारत के पड़ोसी देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार आते है। लेकिन भारत के मानचित्र में हमेशा Sri Lanka को दिखाया जाता है, जबकि कई पड़ोसी देशों को भारत के नक्शे में नहीं दिखाया जाता है, आइये जानें इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है।
इसका सबसे बड़ा कारण है यूनाइटेट नेशंस द्वारा बनाए गए समुद्री कानूनी नियम, जिसे Sea of Law कहा जाता है। इस कानून के अनुसार, 200 नॉटिकल माइल्स तक समुद्र में मौजूद हर चीज को नक्शे में दिखाना अनिवार्य है।
एक नॉटिकल माइल्स यानी 1.852 किमी होता है। इस हिसाब से 200 नॉटिकल माइल्स का मतलब हुआ 370.4 किमी।
इस हिसाब से Sea of Law कहता है कि यदि आपके देश की समुद्री सीमा से 370 किमी की रेंज में कोई भी देश या महत्वपूर्ण आकृति आती है, तो उसे अपने मानचित्र में दिखाना अनिवार्य है। यही कारण है भारत के हर नक्शे में Sri Lanka को दिखाया जाता है।
श्रीलंका, भारत के दक्षिणी छोर (धनुषकोडी) से बहुत करीब स्थित है। तमिलनाडु में स्थित धनुषकोडी से श्रीलंका की सीमा महज 27 किमी बाद शुरू हो जाती है। यही वजह है कि श्रीलंका दूसरा देश होने के बावजूद भी भारतीय मानचित्र का हिस्सा है।
दरअसल, भारतीय नक्शे में श्रीलंका को दिखाए जाने को लेकर आर्टिकल 76 में कुछ अहम बातों का जिक्र किया गया था जिसके तहत यह बताया गया था कि अगर भारत व श्रीलंका अपने अधिकार क्षेत्र को मानचित्र में दर्शाते हैं तो उसके 370 किलोमीटर दायरे में आने वाली कि हर वाटर बॉडी को दिखाना जरूरी है यही वजह है कि भारत के मानचित्र में श्रीलंका को दर्शाए जाने पर किसी तरह का विवाद पैदा नहीं होता है।
ऐसा करने से किसी दूसरे देश की सुरक्षा को खतरा नहीं पहुंचता है। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि भारत के नक्शे में श्रीलंका को दिखाए जाने के पीछे क्या कारण है इसलिए अगली बार श्रीलंका को भारतीय नक्शे में दिखाए जाने को लेकर किसी तरह के भ्रम में ना रहें। आपको बता दें इस तरह का सवाल कई बार सरकारी एग्जाम या इंटरव्यू में भी पूछा जा सकता है।