IIIT Placement Record: राजस्थान का एक इंजीनियरिंग कॉलेज इन दिनों अपने शानदार प्लेसमेंट के कारण चर्चा में है। बात हो रही है इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) कोटा की, जहां 2025-26 प्लेसमेंट सीजन में एक छात्र को 56 लाख रुपये सालाना का सबसे बड़ा पैकेज मिला है। IIIT कोटा की ओर से जारी प्लेसमेंट आंकड़ों के अनुसार, संस्थान का ओवरऑल प्लेसमेंट रेट 95.23 प्रतिशत रहा। वहीं छात्रों को 18.66 लाख रुपये का औसत पैकेज और 14 लाख रुपये का मीडियन पैकेज मिला। यह पिछले वर्ष की तुलना में औसत पैकेज में सुधार का संकेत देता है। हालांकि इस बार सबसे बड़ा पैकेज 56 लाख रुपये रहा, जो पहले के कुछ वर्षों के रिकॉर्ड से थोड़ा कम है। खास बात यह रही कि इस बार प्लेसमेंट प्रतिशत के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) पर कंप्यूटर साइंस (CSE) भररी पड़ी है।
इस प्लेसमेंट सीजन की सबसे दिलचस्प बात ECE ब्रांच का प्रदर्शन रहा। जहां आमतौर पर कंप्यूटर साइंस को सबसे मजबूत शाखा माना जाता है, वहीं इस बार ECE का प्लेसमेंट प्रतिशत 98.07% रहा, जबकि CSE का प्लेसमेंट प्रतिशत 93.70% दर्ज किया गया। हालांकि औसत पैकेज के मामले में CSE अभी भी आगे है। CSE छात्रों का औसत पैकेज 20.09 लाख रुपये रहा, जबकि ECE का औसत पैकेज 14.73 लाख रुपये दर्ज किया गया।
इन छात्रों का प्लेसमेंट शानदार
साल 2026 में कंप्यूटर साइंस ब्रांच के प्रतीक मालासी को जोमैटो में प्लेसमेंट मिला है, उन्हें 56 लाख रुपए सालाना के पैकेज पर हायर किया गया। इसी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के आदित्य राज का अमेजन में प्लेसमेंट हुआ है। उन्हें 47 लाख सालाना का पैकेज मिला है। IIIT कोटा का यह प्रदर्शन उन छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है, जो इंजीनियरिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
इन कंपनियों में मिले मौके
IIIT कोटा के छात्रों को इस बार देश की कई बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी के अवसर मिले। छात्रों को Google, Amazon, NVIDIA, Salesforce, Goldman Sachs, Cisco, Samsung, Meesho, Zomato, Cashfree Payments समेत कई प्रतिष्ठित कंपनियों में ऑफर मिले हैं। ECE क्षेत्र में सेमीकंडक्टर, एम्बेडेड सिस्टम और हार्डवेयर डिजाइन से जुड़े अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि इस बार इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के छात्रों की मांग भी काफी बढ़ी और प्लेसमेंट प्रतिशत में उसने कंप्यूटर साइंस को पीछे छोड़ दिया।
