एक तरफ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए अपनी दूसरी आधिकारिक यात्रा पर रविवार को कीव पहुंचे, तो दूसरी तरफ रूस ने अपनी आक्रामकता बढ़ाते हुए यूक्रेनी शहरों को बारूद से दहला दिया। राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने खुलासा किया कि जर्मन चांसलर की मौजूदगी के बीच ही रूसी सेना ने रातभर में 135 हमलावर ड्रोन दागे, जिनमें 50 से अधिक अत्याधुनिक जेट-चालित ड्रोन शामिल थे।
एपी के मुताबिक इस भीषण हवाई हमले की चपेट में राजधानी कीव समेत निप्रो, खार्किव, डोनेत्स्क, सूमी और जापोरिज्जिया जैसे कई प्रमुख प्रांत आए। कीव में नीपर नदी पर बने महत्वपूर्ण पिवनिच्नी ब्रिज पर एक जेट ड्रोन सीधे जाकर टकराया, जिससे पुल पर भीषण विस्फोट हुआ और दो लोग घायल हो गए। इसके अलावा सूमी में एक दवा गोदाम पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि निप्रो में एक संचार केंद्र को निशाना बनाए जाने से कई लोग घायल हो गए। जेलेंस्की के मुताबिक, अकेले इस हफ्ते रूस ने यूक्रेन पर 1,900 से अधिक ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलें दागी हैं।
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जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कीव स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की उस इमारत का दौरा किया जो कुछ दिन पहले ही रूसी हमले में क्षतिग्रस्त हुई थी। जब दोनों नेता वहां मौजूद थे, तब भी पूरे शहर में एयर रेड सायरन गूंज रहे थे। इस मौके पर जर्मन चांसलर ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि आम नागरिकों पर ऐसे बर्बर हमले रोजाना किए जा रहे युद्ध अपराध हैं। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम लेते हुए इस निरर्थक युद्ध को तुरंत समाप्त करने और बातचीत की मेज पर आने का आह्वान किया। मर्ज़ ने चेतावनी दी कि यदि रूस को आज यूक्रेन में नहीं रोका गया, तो उसकी युद्ध मशीन कल पूरे यूरोप के खिलाफ खड़ी हो जाएगी।
जर्मनी अब तक यूक्रेन को 43.3 अरब यूरो (लगभग 48.8 अरब डॉलर) से अधिक की सैन्य और मानवीय सहायता दे चुका है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने संकट की इस घड़ी में जर्मन सहयोग का आभार जताते हुए कहा कि दोनों देश अपनी और पूरे यूरोप की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नए सुरक्षा समझौतों पर काम कर रहे हैं। हालांकि रूसी विदेश मंत्रालय ने विदेशी राजनयिकों को कीव छोड़ने की चेतावनी दी है, लेकिन जर्मन चांसलर के इस साहसिक दौरे ने यह साफ कर दिया है कि यूरोप यूक्रेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
