How to Identify Fake University : देश में उच्च शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही फर्जी यूनिवर्सिटी और नकली डिग्री देने वाले संस्थानों का जाल भी फैलता जा रहा है। हर साल हजारों छात्र ऐसे संस्थानों के चक्कर में फंस जाते हैं, जो खुद को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय बताकर एडमिशन तो ले लेते हैं, लेकिन बाद में उनकी डिग्री किसी काम की नहीं रहती। 12वीं के नतीजे जारी हो चुके हैं, ऐसे में छात्र अब छात्र कॉलेज में एडमिशन पाने की जुगत में लग गए हैं। इस बीच यह जानना जरूरी है कि जिस यूनिवर्सिटी में आप एडमिशन लेने जा रहे हैं, कहीं वो फर्जी तो नहीं। यहां जानें फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान कैसे करें।
बता दें कि फर्जी विश्वविद्यालय सिर्फ छात्रों का पैसा ही नहीं बर्बाद करते, बल्कि उनके भविष्य और करियर को भी खतरे में डाल देते हैं। इसलिए एडमिशन लेने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि Fake University की पहचान कैसे की जाए।
Fake University: फर्जी यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी पहचान
फर्जी यूनिवर्सिटी (Identify Fake University) की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि वे छात्रों को बहुत कम समय में डिग्री दिलाने, बिना परीक्षा के पास कराने या 100 प्रतिशत नौकरी की गारंटी जैसे बड़े-बड़े दावे करती हैं। फर्जी यूनिवर्सिटी और कई संस्थान आकर्षक विज्ञापन और सोशल मीडिया प्रमोशन के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को भ्रमित करने का काम करते हैं। अगर कोई यूनिवर्सिटी अत्यधिक कम फीस में डिग्री देने या डायरेक्ट एडमिशन या मोटे प्लेसमेंट का लालच दे रही है, तो सतर्क हो जाना चाहिए।

Fake University List: फेक यूनिवर्सिटी लिस्ट
UGC जारी करता है फर्जी यूनिवर्सिटी की लिस्ट
भारत में विश्वविद्यालयों को मान्यता देने का अधिकार मुख्य रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC के पास होता है। किसी भी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले सबसे पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह जांच लें कि वह संस्थान मान्यता प्राप्त है या नहीं। UGC समय-समय पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची भी जारी करता है। इसके अलावा तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्स कराने वाले संस्थानों के लिए AICTE, NMC, BCI और NCTE जैसी नियामक संस्थाओं की मान्यता भी जरूरी होती है।
छात्रों को क्या करना चाहिए
विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी वेबसाइट, कैंपस, फैकल्टी और पिछले रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। इसके अलावा छात्रों को यह भी देखना चाहिए कि उस यूनिवर्सिटी का स्थायी पता, संपर्क नंबर और आधिकारिक दस्तावेज सही हैं या नहीं। इन सभी चीजों को यूजीसी की वेबसाइट से क्रॉस चेक भी किया जा सकता है। छात्रों को केवल सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
